Monsoon 2026: मॉनसून के मिजाज ने इन दिनों सभी को हैरान कर रखा है. मौसम विभाग का कहना है कि इस बार अब तक सामान्य से 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है. हालांकि, आसमान से कम पानी बरसा है, लेकिन जमीन पर तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है. पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक भारी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं. आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए हम मौसम के इस बदलते चरित्र की पड़ताल कर रहे हैं. दिल्ली-एनसीआर की जलभराव वाली सड़कें, गुरुग्राम का लंबा ट्रैफिक जाम, मुंबई की डूबी हुई सड़कें, जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने की घटना, केरल के वायनाड में भूस्खलन, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में उफनती नदियां—देश के अलग-अलग हिस्सों से बारिश की तबाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं. हैरानी की बात यह है कि यह सब तब हो रहा है, जब मौसम विभाग के अनुसार देश में मॉनसून अभी कमजोर माना जा रहा है. बारिश सामान्य से 15 प्रतिशत कम हुई है, लेकिन इसके बावजूद शहर डूब रहे हैं, पहाड़ दरक रहे हैं और बादल फटने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर यह कमजोर मॉनसून है, तो मजबूत मॉनसून का असर कितना भयावह हो सकता है?



