NDTV के रिपोर्टर रणवीर सिंह 2.5 घंटे की कठिन चढ़ाई के बाद उस पहाड़ी पर पहुंचे, जहां से रसुवा और नुवाकोट जिलों का बॉर्डर तथा नेपाल-तिब्बत (चीन) की सीमा दिखाई देती है. एनडीटीवी इस तबाही के केंद्र पर पहुंचने वाला पहला समाचार चैनल है. सामने दिख रहे तिब्बत सीमा के पीछे मौजूद बड़ा ग्लेशियर बुधवार (26 अगस्त) को फटा था, जिसके बाद भोटे कोशी नदी में आए भारी जलप्रलय और मलबे ने पूरे रास्ते को तबाह कर दिया.
सैलाब के समय नदी का बहाव इतना भयावह था कि रसुवा टाउन, नुवाकोट का त्रिशूली बाजार और प्रसिद्ध व्यापारिक केंद्र टिमुरे (टिमुरे भंसार/कस्टम एरिया) पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए. 1000 से अधिक गाड़ियां, होटल और बस्तियां पानी में बह गईं. स्थानीय पत्रकार दीपक के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग होने के कारण भारत से आए कई तीर्थयात्री भी लापता हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं. त्रिशूली स्थित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं. 300 से अधिक शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें से 239 शव बहकर चितवन तक पहुंच गए, जहां प्रशासन डीएनए (DNA) सैंपल लेकर सामूहिक अंत्येष्टि की प्रक्रिया कर रहा है.



