नेपाल में आई जलप्रलय की वजह एक ग्लेशियर का टूटना था. लगभग 800 मीटर का बर्फ का पहाड़ नदी में गिरा, तो नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गए. नदी का पानी तेजी से आगे बढ़ा और रास्ते में जो कुछ आया उसे बहाता हुआ ले गया. इस ग्लेशियर के टूटने को वीडियो सामने आ गया है. सैलाब के समय नदी का बहाव इतना भयावह था कि रसुवा टाउन, नुवाकोट का त्रिशूली बाजार और प्रसिद्ध व्यापारिक केंद्र टिमुरे (टिमुरे भंसार/कस्टम एरिया) पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गए. 1000 से अधिक गाड़ियां, होटल और बस्तियां पानी में बह गईं. स्थानीय पत्रकार दीपक के अनुसार, कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग होने के कारण भारत से आए कई तीर्थयात्री भी लापता हैं. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 5,000 से ज्यादा लोग लापता हैं. त्रिशूली स्थित हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स पूरी तरह बर्बाद हो चुके हैं.



