‘प्यार’ कोई भौतिक चीज नहीं है। इसलिए जब हम ‘आधा इश्क’ या ‘हाफ लव’ कहते हैं, तो इसका क्या अर्थ होता है? जब प्यार या इश्क ‘आधा’ होता है, तो क्या वह पहले पूरा था और फिर आधा हो गया, या वह पूरा होने की राह पर है पर अभी पूरा नहीं हुआ? फिल्म ‘बैंड […]
‘डिजाइनर बेबीज़’ का विचार अब टेक्नोलॉजी की मदद से हकीकत बनता जा रहा है। ये ऐसे जेनेटिकली इंजीनियर्ड बच्चे हैं, जिन्हें आप अपनी पसंद की शारीरिक बनावट और बौद्धिक विशेषताओं के अनुरूप तैयार करवा सकते हैं। यह सम्भावना अनेक गम्भीर सामाजिक और नैतिक सवाल खड़े करती है। जीन-एडिटिंग की बड़ी सफलताएं हाल ही की घटनाएं […]
भारत की एक ताकत है- परिवार-व्यवस्था। हमें ध्यान रखना चाहिए कि हमारे परिवार केवल सशक्त ही न हों, एकजुट और संवेदनशील भी हों। आजकल माना जाता है कि रोटी, कपड़ा और मकान उच्च स्तर के हों तो परिवार सशक्त हो गए। परिवार जिस घर में रहता है, उसमें मोटे तौर पर चार कक्ष होते हैं। […]