फीफा विश्व कप की शुरुआत विवादों के साथ हुई थी। ईरानी खिलाड़ियों को वीसा मिलेगा या नहीं, यह मसला सुर्खियों में रहा। उनके साथ किए गए भेदभावपूर्ण व्यवहार ने भी अनेक सवाल खड़े किए। रेफरियों के निर्णय किस तरह एक टीम (अर्जेंटीना) के पक्ष में जा रहे थे, यह भी चर्चा का विषय बना। बालोगुन […]
भारत में आंगन पारिवारिक सामूहिकता का प्रतीक है। साहित्यकारों ने तो आंगन को नारियों की दुनिया कहा है। तुलसी तो आंगन की महारानी है ही। कुछ ऋषियों ने मन को भी आंगन का रूपक दिया है। तुलसीदास जी लिखते हैं- बरनि न जाइ रुचिर अँगनाइ, जहँ खेलहिं नित चारिउ भाई। सुंदर आंगन का वर्णन नहीं […]
ज्यादातर पैरेंट्स, चाहे उच्च शिक्षित हों या नहीं, अकसर बच्चों को समझाते हैं कि ‘अच्छे संस्कारों में कुछ खर्च नहीं होता।’ लेकिन हाल ही में जेन-जी ने मुझे सिखाया कि ‘ये विनम्र शब्द इस्तेमाल करने की कीमत शायद धरती को चुकानी पड़ती है।’ सोच रहे हैं इसका क्या मतलब है? तो आगे पढ़िए। यह सबक […]