热门话题

10 हार के बाद भी गंभीर को मिश्रा का समर्थन:कहा- कोच के साथ खिलाड़ियों को भी जिम्मेदारी लेकर रेड-बॉल में समय देना होगा

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

भारतीय हेड कोच गौतम गंभीर के लिए अब तक का सफर आसान नहीं रहा है। टेस्ट में 10 हार के बाद भी पूर्व भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने उनका समर्थन किया है। मिश्रा ने कहा कि इस दौर के लिए सिर्फ कोच को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक, खिलाड़ियों को भी ज्यादा जिम्मेदारी लेने की जरूरत है और गंभीर को रेड-बॉल क्रिकेट में समय मिलना चाहिए। व्हाइट-बॉल क्रिकेट में टीम इंडिया ने शानदार नतीजे दिए हैं, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन को लेकर सवाल उठे हैं। इसी वजह से टीम के कोचिंग सेटअप और खासतौर पर गंभीर की भूमिका पर चर्चा होती रही है। टेस्ट में गंभीर पर क्यों उठे सवाल गंभीर के कार्यकाल में न्यूजीलैंड ने भारत को घरेलू मैदान पर 3-0 से हराया, जबकि साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को घर में 2-0 की हार झेलनी पड़ी। भारत ने ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से गंवाई। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज 2-2 से बराबर रही। मौजूदा वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप साइकिल में भी भारत की स्थिति फिलहाल मजबूत नहीं है। ऐसे में आने वाली टेस्ट सीरीज टीम के लिए बेहद अहम होने वाली हैं। मिश्रा ने कोच को दोष देने से इनकार किया लगातार खराब नतीजों के बीच अलग-अलग फॉर्मेट के लिए अलग कोच रखने की चर्चा भी सामने आती रही है। अमित मिश्रा इस सोच से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। मिश्रा ने कहा, “कोच के लिए यह मुश्किल है। मुझे लगता है कि खिलाड़ियों को ज्यादा जिम्मेदारी लेने की जरूरत है। कई सालों से एक कोच सभी फॉर्मेट के लिए रहा है। किसी भी कोच को समय देना जरूरी है।” मिश्रा ने बताया कि मौजूदा टेस्ट टीम में कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके पास अभी ज्यादा अनुभव नहीं है। उन्होंने कहा, “टेस्ट मैचों में हमारे पास कम अनुभव वाले नए खिलाड़ी हैं। कोच और खिलाड़ियों को साथ मिलकर काम करने और विकसित होने में समय लगता है।” राहुल द्रविड़ का उदाहरण दिया अपनी बात समझाने के लिए अमित मिश्रा ने राहुल द्रविड़ का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा, राहुल द्रविड़ को खुद को स्थापित करने में 1-1.5 साल लगे थे। उसके बाद प्रदर्शन में सुधार आया। मिश्रा के मुताबिक, इंटरनेशनल क्रिकेट में जगह मिलना ही काफी नहीं है। खिलाड़ियों को हालात के हिसाब से अपना खेल बदलना भी आना चाहिए। उन्होंने कहा, आप 140-145 करोड़ लोगों में से चुने जाते हैं। आपको पिच के व्यवहार और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना होता है। इसी वजह से आप शीर्ष स्तर पर खेल रहे हैं। कोच का बचाव करते हुए मिश्रा ने साफ कहा, “मुझे नहीं लगता कि कोच को दोष देना चाहिए।” गंभीर को रेड-बॉल में और समय देने की मांग मिश्रा का मानना है कि गंभीर को टेस्ट क्रिकेट में अपनी योजनाएं लागू करने के लिए पर्याप्त समय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में समय दीजिए। उन्हें टीम के नए खिलाड़ियों को समझाने की जरूरत है। कोच और खिलाड़ी की भूमिका का फर्क बताते हुए मिश्रा ने कहा, कोच का काम मानसिक पहलुओं और स्किल्स पर काम करना है, लेकिन खिलाड़ियों को मैदान पर प्रदर्शन करना होता है। अपने खेलने के दिनों को याद करते हुए मिश्रा ने कहा कि उस समय भी खिलाड़ियों से परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने की उम्मीद की जाती थी। उन्होंने कहा, आपको दबाव लेना होता है, परिस्थितियों को समझना होता है। आपको समय बिताना होता है और परिस्थिति, खिलाड़ी, गेंदबाज और विकेट के अनुसार अपना खेल बदलना होता है।

标签 :

留下回复

您的电子邮件地址不会被公开。 必填字段标有 *

最新消息

关于我们

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

联系我们: info@socialblize.com

联系方式: +91-7976784661

Socialblize @2026. 版权所有。