भारत की एथलीट और 2018 एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट स्वप्ना बर्मन डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई हैं। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। 29 साल की स्वप्ना के सैंपल में बोल्डेनोन नाम का प्रतिबंधित पदार्थ मिला है। स्वप्ना ने इसी महीने एथलेटिक्स से संन्यास का ऐलान किया था। उन्होंने चोटों शरीर को फिट नहीं बताते हुए अपना करियर खत्म करने का फैसला लिया था। 2018 में रचा था इतिहास स्वप्ना बर्मन ने 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन में गोल्ड मेडल जीता था। वह एशियन गेम्स में हेप्टाथलॉन का गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बनी थीं। हेप्टाथलॉन एथलेटिक्स का मिक्स्ड इवेंट है। इसमें खिलाड़ी दो दिनों में 7 इवेंट्स में हिस्सा लेते हैं। इनमें 100 मीटर बाधा दौड़, ऊंची कूद, गोला फेंक, 200 मीटर, लंबी कूद, भाला फेंक और 800 मीटर शामिल हैं। स्वप्ना ने एशियन चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था। वह 2016 रियो ओलिंपिक में भारत को रिप्रेजेंट कर चुकी हैं। चोटों के कारण इसी महीने लिया संन्यास स्वप्ना ने अगस्त 2026 की शुरुआत में ही एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की थी। डोपिंग मामले में NADA की कार्रवाई प्रोविजनल सस्पेंशन तक है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्हें इस मामले में अंतिम रूप से दोषी ठहराए जाने की बात सामने नहीं आई है। सैंपल में मिला बोल्डेनोन NADA के मुताबिक, स्वप्ना के सैंपल में बोल्डेनोन पाया गया। यह एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड की श्रेणी का प्रतिबंधित पदार्थ है। राजनीति में भी कदम रखा एथलेटिक्स के अलावा स्वप्ना ने हाल ही में राजनीति में भी कदम रखा था। 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजगंज विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। उन्हें BJP के दिनेश सरकार ने 21,477 वोटों के अंतर से हराया था। स्वप्ना का करियर, 2 पॉइंट में बोल्डेनोन ड्रग क्या है? बोल्डेनोन एक एनाबॉलिक-एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड है, जिसे मूल रूप से पशु चिकित्सा के लिए विकसित किया गया था। यह वर्ल्ड डोपिंग एंटी एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में शामिल है। एथलीट इसका अवैध इस्तेमाल मांसपेशियों की ताकत और आकार बढ़ाने, रिकवरी में मदद और प्रदर्शन सुधारने के लिए कर सकते हैं। स्वप्ना के संन्यास के बाद भी क्यों हुई कार्रवाई? संन्यास लेने से डोपिंग नियम अपने आप खत्म नहीं हो जाते। अगर किसी खिलाड़ी का सैंपल उसके करियर के दौरान लिया गया था और बाद में उसमें प्रतिबंधित पदार्थ मिलता है, तो उस मामले की जांच और कार्रवाई जारी रह सकती है। वापसी की स्थिति में भी खिलाड़ी को एंटी-डोपिंग नियमों का पालन करना पड़ता है। ————————————-
स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें.…
भारतीय हॉकी खिलाड़ियों ने पाकिस्तान से हाई-फाइव किया भारतीय हॉकी टीम ने मेंस वर्ल्ड कप में बुधवार को पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया, लेकिन खेल भावना दिखाते हुए हाई-फाइव किया। पढ़ें पूरी खबर…

