बीजेपी नेता माधवी लता का एक बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. उन्होंने एक कथित मामले का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि किसी छात्र या बच्ची पर धर्म को लेकर दबाव कैसे बनाया जा सकता है. माधवी लता ने कहा कि यह एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है और भारतीय संविधान किसी पर भी धर्म थोपने की अनुमति नहीं देता.

