दुनिया के अलग-अलग देशों ने हाइड्रोजन ट्रेन विकसित करने पर अलग-अलग लागत खर्च की है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका ने अपनी हाइड्रोजन ट्रेन परियोजना पर लगभग 1,800 करोड़ रुपये खर्च किए. वहीं, चीन ने करीब 985 करोड़ रुपये, जर्मनी ने लगभग 800 करोड़ रुपये और जापान ने करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से अपनी हाइड्रोजन ट्रेन विकसित की.

