मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले चंदला विधानसभा क्षेत्र के माध्यमिक शाला बसराही के छात्रों ने भाजपा विधायक और मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला जब इलाके से गुजर रहा था तभी स्कूली छात्र-छात्राओं ने उन्हें रोक लिया। यहां स्कूली बच्चे अपने विद्यालय की बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सड़क निर्माण की मांग सबसे पहले उठाई बच्चों ने क्षेत्र में स्कूल तक सड़क बनवाने और मौजूदा सड़कों की बेहतर व्यवस्था की मांग सबसे पहले रखी। उनका कहना था कि खराब सड़कों की वजह से लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। इसका असर विद्यार्थियों पर भी होता है और उन्हें स्कूल पहुंचने के लिए कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बच्चों ने मंत्री से सड़क समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। छात्रों ने कहा कि उन्होंने काफिले को रोकने का सहारा इसलिए लिया क्योंकि पहले उठाए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ था। लखनऊ में जेन अल्फा ने हाईवे जाम किया लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर जेन-अल्फा 17 अगस्त को सड़कों पर नजर आई। सुबह 7 बजे बारिश के बीच करीब 250 जेन-अल्फा छात्राएं दुबग्गा-कानपुर बायपास चौराहे पर इकट्ठा हो गईं। सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। छात्राएं मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय से ढाई किमी चलकर यहां तक पहुंचीं। 6वीं से 12वीं कक्षा तक के इस स्कूल को समाज कल्याण विभाग चलाता है। प्रदर्शन के दौरान बाईपास के चारों तरफ 2 से 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। 4 थानों और चौकियों से पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस ने करीब 2 घंटे तक छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे DM को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। जब बात नहीं बनी, तो छात्राएं हजरतगंज स्थित DM आवास की तरफ चल दौड़ने लगीं। लखनऊ-हरदोई हाईवे पर रॉन्ग साइड में दौड़ती छात्राओं के पीछे-पीछे पुलिसकर्मी भी दौड़ पड़े। जब छात्राएं मोहान रोड से 8 किमी दूर बालागंज चौराहे पर पहुंचीं तो एसीपी काकोरी शकील अहमद और एडीसीपी धनंजय ने उन्हें रोका। उनसे बातचीत की। उनके सामने ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्हें पूरी बात बताई। अधिकारियों ने स्कूल में छात्राओं से सीधे बात करने का आश्वासन दिया। एसीपी काकोरी ने छात्राओं को बताया कि अधिकारी की समस्या का समाधान आज ही करेंगे। इसके बाद छात्राएं मान गईं और उन्हें ई-बसों से वापस स्कूल भेज दिया गया। छात्राओं से मिलने भारी बारिश के बीच विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, सचिव व निदेशक संजीव सिंह, समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार और सरोजनीनगर एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह स्कूल पहुंचे। करीब ढाई घंटे की बातचीत के बाद सभी अफसर स्कूल से बाहर निकले। ‘स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षक नहीं’ छात्राओं का कहना था कि उनके स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षक नहीं हैं। साल भर से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह ठप है। इंटरनेट की उचित व्यवस्था न होने के कारण वे ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले पातीं हैं। इसी साल कई छात्राओं की बोर्ड परीक्षा भी होनी है। ये खबर भी पढ़ें


