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सेहत का विज्ञान- मानसून में बच्चों का रखें खास ख्याल:सही फुटवियर पहनाएं, नमी से बचाएं, ताजा खाना खिलाएं, ये 7 सावधानियां बरतें

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बारिश का मौसम बच्चों के लिए जितना मजेदार होता है, उतना ही संक्रमण का रिस्क भी बढ़ा देता है। इस मौसम में हवा में नमी, घर में सीलन, फंगस और दूषित खाना-पानी बच्चों को जल्दी बीमार कर सकते हैं। वहीं, घर की नमी और फंगस बच्चों में एलर्जी व सांस संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ाते हैं। ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन’ (WHO) के अनुसार, सुरक्षित भोजन, साफ पानी और अच्छी हाइजीन की आदतों से बच्चों में होने वाले कई संक्रमण रोके जा सकते हैं। ऐसे में मानसून के दौरान बच्चों की सेहत की सुरक्षा के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें। 1. सॉफ्ट टॉय रेगुलर साफ करें नमी के कारण सॉफ्ट टॉयज में धूल और डस्ट माइट्स जमा हो सकते हैं। इससे एलर्जी और अस्थमा से पीड़ित बच्चों की परेशानी बढ़ सकती है। ‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ’ अमेरिका के मुताबिक, सॉफ्ट टॉय को गर्म पानी से धोने और अच्छी तरह सुखाने से उनमें मौजूद करीब 90-95% डस्ट माइट्स को कम किया जा सकता है। इसलिए बच्चे के बिस्तर पर धोए जा सकने वाले सॉफ्ट टॉय ही रखें और उन्हें रेगुलर साफ करें। 2. टूथब्रश सही जगह रखें टूथब्रश को टॉयलेट या वॉशबेसिन के पास न रखें। ब्रश को धोकर सीधा रखें, ताकि वह अच्छी तरह सूख सके। फ्लश करते समय टॉयलेट का ढक्कन बंद रखें और ब्रश पर कैप लगाने की बजाय उसे खुली हवा में सूखने दें। ब्रश कैप का इस्तेमाल केवल यात्रा के दौरान करें। 3. घर की सीलन को नजरअंदाज न करें मानसून में दीवारों की फंगस और सीलन बच्चों में खांसी, एलर्जी और अस्थमा की समस्या बढ़ा सकती है। अगर बच्चे को बिना सर्दी-बुखार के बार-बार रात में खांसी आती है, तो घर में सीलन, फंगस और एसी के फिल्टर की जांच करें। स्मेल छिपाने की बजाय सीलन की असल वजह समझें और उसे दूर करें। 4. बारिश में सही फुटवियर चुनें बारिश में रबर या EVA (एथिलीन विनाइल एसीटेट) क्रॉक्स जैसे फुटवियर कैनवास या चमड़े के जूतों की तुलना में जल्दी सूख जाते हैं और नमी कम सोखते हैं। हालांकि ये अपने-आप फंगल इन्फेक्शन से नहीं बचाते हैं। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे के पैर साफ और सूखे रहें। उंगलियों के बीच की जगह अच्छी तरह सुखाएं, गीले जूते या मोजे लंबे समय तक न पहनने दें। 5. सिर्फ आयरन पर भरोसा न करें सिर्फ कपड़ों पर आयरन कर देने से फंगस पूरी तरह खत्म नहीं होते। बारिश या पसीने से भीगे कपड़ों को अच्छी तरह धोकर सुखाना जरूरी है। नमी वाले कपड़े अलमारी में रखने से फंगस बढ़ सकते हैं। अगर कपड़े या तौलिया फंगल इन्फेक्शन वाले व्यक्ति ने इस्तेमाल किए हों, तो उन्हें गर्म पानी से जरूर धोएं। 6. एसी का ड्राई मोड इस्तेमाल करें मानसून में अगर घर में सीलन या नमी ज्यादा हो, तो एसी का ड्राई मोड या डिह्यूमिडिफायर इस्तेमाल करना फायदेमंद हो सकता है। इससे नमी कम होती है, जिससे फंगस और डस्ट माइट्स पनपने की संभावना घटती है। एसी का तापमान 24–26°C रखें, कमरे को जरूरत से ज्यादा ठंडा न करें और एसी फिल्टर की रेगुलर सफाई करें। 7. बच्चों को ताजा और सुरक्षित भोजन दें मानसून में बच्चों को बाहर के कटे हुए फल, सड़क किनारे मिलने वाले जूस और बर्फ वाले ड्रिंक्स न दें। इनमें संक्रमण का रिस्क ज्यादा होता है। कच्चा सलाद और हरी पत्तेदार सब्जियों को साफ पानी से अच्छी तरह धोकर ही परोसें। हमेशा ताजा और सही तरीके से स्टोर किया हुआ दही और छाछ दें। उल्टी या दस्त होने पर डॉक्टर की सलाह लें। रेणु रखेजा जानी-मानी न्यूट्रिशनिस्ट एवं हेल्थ कोच हैं। @consciouslivingtips

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