दुनिया के कई देशों में चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेनें आमतौर पर 2 से 4 कोच वाली होती हैं. वहीं, भारत ने इस तकनीक को एक कदम आगे बढ़ाते हुए 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन तैयार की है. यानी जहां दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेनें सीमित डिब्बों के साथ संचालित हो रही हैं, वहीं भारत अधिक क्षमता वाली हाइड्रोजन ट्रेन चलाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

