एक वक्त था जब किसी भारतीय स्टार की ग्लोबल पहचान ऑस्कर या कान फिल्म फेस्टिवल से तय होती थी. लेकिन अब दुनिया के सबसे पुराने टेनिस टूर्नामेंट विंबलडन का ‘रॉयल बॉक्स’ भारतीय सेलिब्रिटीज के लिए ग्लोबल स्टेटस का नया प्रतीक बन गया है. इस बार सेंटर कोर्ट पर खिलाड़ियों जितनी ही चर्चा भारतीय सितारों की भी हो रही है. प्रियंका चोपड़ा, अनन्या पांडे, सचिन तेंदुलकर, शुभमन गिल, युवराज सिंह, अभिषेक शर्मा, वैभव सूर्यवंशी समेत कई बड़े नाम रॉयल बॉक्स और स्टैंड्स में दिखे. सवाल है – हर भारतीय स्टार विंबलडन का हिस्सा क्यों बनना चाहता है? वजह सिर्फ टेनिस नहीं है. दुनिया में 4 ग्रैंड स्लैम हैं, लेकिन विंबलडन की पहचान अलग है. यहां सिर्फ खेल नहीं, परंपरा है, शाही विरासत है, सख्त ड्रेस कोड है और सबसे खास – रॉयल बॉक्स है. विम्बलडन वो जगह है जहां दुनिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन, कलाकार, खिलाड़ी और इन्फ्लुएंसर एक साथ बैठते हैं. यहां मौजूद होना अपने आप में एक स्टेटमेंट है. एक तस्वीर पूरी दुनिया की मीडिया में छा जाती है. एक पोस्ट करोड़ों लोगों तक पहुंचती है. इसीलिए विम्बलडन अब सिर्फ स्पोर्ट्स इवेंट नहीं रहा. ये ग्लोबल ब्रांडिंग का सबसे पावरफुल स्टेज बन चुका है. भारतीय सितारों के लिए ये अपनी रीच बढ़ाने, इंटरनेशनल इमेज बनाने और ‘ग्लोबल आइकन’ वाली पहचान पक्की करने का सबसे आसान तरीका बन गया है. खेल के साथ-साथ अब विम्बलडन स्टाइल, क्लास और स्टेटस का भी सिंबल बन चुका है. और भारतीय सेलेब्स इस मौके को बिल्कुल नहीं छोड़ना चाहते.

