साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ‘हैट्रिक’ लगाने के लक्ष्य के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं. पार्टी ने चुनावी बिसात बिछाते हुए संगठन के अनुभवी नेता विनोद तावड़े को यूपी का नया चुनाव प्रभारी और जगदीश ईश्वर भाई पटेल को सह-प्रभारी नियुक्त किया है. विनोद तावड़े ने इससे पहले बिहार में बेहतरीन नतीजे दिए थे और हाल ही में यूपी कैबिनेट विस्तार तथा नेताओं की आपसी नाराजगी दूर करने में भी उनकी अहम भूमिका रही है.
इसके अलावा, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा तवज्जो दी गई है. यूपी से 8 प्रमुख नेताओं को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है. इनमें सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण वापसी पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की हुई है, जिन्हें राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है. लोकसभा चुनाव में अमेठी से हार के बाद उनकी यह वापसी यूपी चुनाव में पार्टी के आक्रामक रुख का स्पष्ट संकेत है.
इस नई टीम के जरिए बीजेपी ने समाजवादी पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट भी तैयार की है. जातीय समीकरणों को साधते हुए 8 नेताओं में से 3 ओबीसी (अमरपाल मौर्य, संगीता यादव, रेखा वर्मा), 1 एससी (भोला सिंह), 2 मुस्लिम (तारिक मंसूर, कुंवर बासित अली) और 1 ब्राह्मण (हरीश द्विवेदी) चेहरे को जगह दी गई है. वहीं, बीजेपी की इस आक्रामक तैयारी और नई टीम पर विपक्ष ने कड़ा तंज कसा है. समाजवादी पार्टी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “नई चटनी से सड़ा सामान सही नहीं होता.” सपा का दावा है कि यूपी की जनता बीजेपी से बुरी तरह नाराज है और इस नई टीम से बीजेपी का कोई भला नहीं होने वाला है.

