मुथूट फिनकॉर्प ₹3,000 करोड़ का IPO ला रही है। इसके लिए कंपनी ने सेबी के पास DRHP दाखिल किया है। आईपीओ से मिले पैसों का इस्तेमाल भविष्य की पूंजी जरूरतें पूरी करने, आगे कर्ज देने और कारोबार के विस्तार में होगा। कंपनी की ओर से बुधवार को जमा कराए गए ड्राफ्ट पेपर्स के मुताबिक, यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा। यानी इसमें नए शेयर जारी किए जाएंगे। इसमें ऑफर फॉर सेल शामिल नहीं है। यानी कोई भी इन्वेस्टर अपने शेयर नहीं बेच रहा। 139 साल पुराना ग्रुप, गोल्ड लोन मुख्य बिजनेस मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट पप्पाचन ग्रुप का हिस्सा है। इसकी शुरुआत 1887 में हुई थी। कंपनी मुख्य रूप से गोल्ड लोन सेगमेंट में काम करती है। पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से कंपनी इस बिजनेस में है। गोल्ड लोन के अलावा यह कंपनी बिजनेस लोन, लोन अगेंस्ट प्रॉपर्टी, सप्लाई चेन फाइनेंसिंग, डिजिटल लोन, माइक्रोफाइनेंस और हाउसिंग लोन भी देती है। कंपनी का मुनाफा 3 गुना बढ़कर ₹1,847 करोड़ हुआ नॉलेज बॉक्स: फ्रेश इश्यू और OFS में क्या अंतर होता है? फ्रेश इश्यू: कंपनी नए शेयर जारी करती है। इससे मिलने वाला पूरा पैसा कंपनी के पास जाता है, जिसका इस्तेमाल कर्ज चुकाने या बिजनेस बढ़ाने में होता है। ऑफर फॉर सेल (OFS): पुराने प्रमोटर्स या इन्वेस्टर्स अपने शेयर बेचते हैं। इसका पैसा कंपनी को न मिल कर सीधे शेयर बेचने वाले इन्वेस्टर्स के पास जाता है।

