बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत ने जीत के साथ शुरुआत की है। नई दिल्ली में मेंस डबल्स के पहले राउंड में हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने आयरलैंड के स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स को हरा दिया। आयरलैंड की जोड़ी मैच से हटी भारतीय जोड़ी ने पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी भारतीय जोड़ी 6-4 से आगे थी, तभी आयरलैंड की जोड़ी ने चोट की वजह से मैच से हटने का फैसला किया। भारत में 17 साल बाद वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप का आयोजन नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में हो रहा है। यह चैंपियनशिप 17 से 23 अगस्त तक चलेगी। भारत ने आखिरी बार 2009 में इस टूर्नामेंट की मेजबानी की थी। सिंधु का मुकाबला नोबल के साथ भारत की ओर से आज कई बड़े खिलाड़ी कोर्ट पर उतरेंगे। पीवी सिंधु महिला सिंगल्स में आयरलैंड की सोफिया नोबल के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेंगी। सिंधु के नाम वर्ल्ड चैंपियनशिप में 5 मेडल हैं और वह रिकॉर्ड छठा मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ उतर रही हैं। आयुष शेट्टी के सामने डिफेंडिंग चैंपियन भारत के आयुष शेट्टी को पहले ही राउंड में बड़ा मुकाबला खेलना है। उनका सामना चीन के टॉप सीड और डिफेंडिंग चैंपियन शी यू ची से होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच अब तक 3 मुकाबले हुए हैं और तीनों में भारतीय खिलाड़ी को हार मिली है। 3 पॉइंट्स में मैच के बीच खिलाड़ी रिटायर क्यों होते हैं, टॉप सीड क्या होता है और वर्ल्ड चैंपियनशिप इतनी खास क्यों है 1. मैच के बीच खिलाड़ी रिटायर क्यों होते हैं? बैडमिंटन में रिटायरमेंट का मतलब है कि खिलाड़ी मैच शुरू होने के बाद उसे बीच में छोड़ देता है। इसका सबसे आम कारण चोट या शारीरिक परेशानी होती है। मांसपेशियों में खिंचाव, जोड़ों में दर्द या ऐसी चोट, जिससे आगे खेलना जोखिम भरा हो, इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। रिटायरमेंट होने पर विपक्षी खिलाड़ी को विजेता घोषित किया जाता है। यह वॉकओवर या विड्रॉल से अलग होता है, क्योंकि रिटायरमेंट में मैच शुरू हो चुका होता है। 2. टॉप सीड और डिफेंडिंग चैंपियन क्या होता है? टॉप सीड वह खिलाड़ी या जोड़ी होती है जिसे टूर्नामेंट में उसकी रैंकिंग के आधार पर सबसे मजबूत दावेदार माना जाता है। सीडिंग का मकसद मजबूत खिलाड़ियों को शुरुआती दौर में एक-दूसरे के सामने आने से रोकना होता है। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन वह खिलाड़ी होता है जिसने पिछली बार टूर्नामेंट जीता हो और इस बार अपने खिताब को बचाने उतरा हो। इसलिए आयुष शेट्टी के सामने शी यू ची का मुकाबला खास है, क्योंकि शी यू ची डिफेंडिंग चैंपियन हैं। 3. वर्ल्ड चैंपियनशिप इतनी खास क्यों? बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में जीतने वाला खिलाड़ी वर्ल्ड चैंपियन कहलाता है। ओलंपिक चार साल में एक बार होता है और इसमें क्वालिफिकेशन के जरिए सीमित खिलाड़ी पहुंचते हैं। वर्ल्ड चैंपियनशिप आमतौर पर हर साल होती है, हालांकि ओलंपिक साल में इसका आयोजन नहीं होता। वहीं ऑल इंग्लैंड ओपन एक ऐतिहासिक टूर्नामेंट है, लेकिन यह BWF वर्ल्ड टूर का सुपर 1000 इवेंट है। वर्ल्ड चैंपियनशिप सीधे BWF की वर्ल्ड चैंपियनशिप है, इसलिए दोनों का दर्जा अलग है।
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बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप आज से:भारत 17 साल बाद मेजबानी कर रहा, सिंधु के पास छठा मेडल जीतने का मौका नई दिल्ली में आज से बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप शुरू हो रही है। भारत 17 साल बाद इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। 23 अगस्त तक चलने वाले इस टूर्नामेंट के मुकाबले इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होंगे।

