热门话题

बरखा दत्त का कॉलम:स्कूलों में बुलीइंग और कितने बच्चों का जीवन बरबाद करेगी?

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में नौ साल की एक बच्ची ने लगातार बुलीइंग और उपेक्षा के बाद आत्महत्या कर ली। लेकिन घटना के आठ महीने बाद भी प्राचार्य, क्लास टीचर या प्रबंधन पर कोई आंतरिक कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस की कार्रवाई भी धीमी रही है और अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जयपुर में अमायरा की मृत्यु की घटना हमारे आक्रोश की मांग करती है। अमायरा के माता-पिता- शिवानी और विजय मीणा का आरोप है कि विद्यालय के प्रभावशाली और राजनीतिक रूप से कनेक्टेड प्रबंधन के कारण पुलिस मामले में नरमी बरत रही है। उनका कहना है कि पुलिस ने दोष उनकी बेटी पर मढ़ने की कोशिश की। एक पुलिस अधिकारी ने तो यहां तक कह दिया कि अमायरा मतिभ्रम की शिकार थी। लेकिन सीसीटीवी फुटेज एक बिल्कुल अलग तस्वीर पेश करते हैं। पहला सीसीटीवी फुटेज नवंबर 2025 में सार्वजनिक हुआ था, जब अमायरा ने स्कूल भवन की चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। हादसे से पहले अमायरा कई महीनों से स्कूल में बुलीइंग की शिकायत कर रही थी और एक बार तो उसने सीधे प्रिंसिपल से भी इसकी शिकायत की थी। इसके कई महीनों बाद परिवार ने आठ मिनट का नया सीसीटीवी फुटेज जारी किया है, जो अमायरा की मृत्यु से पहले के अंतिम कुछ मिनटों की गंभीर तस्वीर सामने लाता है। फुटेज में एक छात्र डिजिटल स्लेट निकालकर उसे अमायरा को दिखाते नजर आता है। अन्य छात्र भी उसे चिढ़ाने में शामिल हो जाते हैं। अमायरा की मां का मानना है कि उसे जो दिखाया गया, उसमें यौन संकेत थे। अमायरा अपनी टीचर के पास एक नहीं, पांच बार जाती है, लेकिन हर बार उसकी बात अनसुनी रह जाती है। एक मौके पर अध्यापिका उसकी मदद करने के बजाय उलटे उसे डांटती हुई दिखाई देती हैं। फुटेज में बच्ची हाथ जोड़कर खड़ी है। वह अपना मुंह भी ढकती हुई दिखाई देती है, जो गहरे डिस्ट्रेस का संकेत है। आप उम्मीद कर सकते हैं कि कम-से-कम टीचर्स उस छात्रा पर विशेष नजर जरूर रखते, जिसने अपने सहपाठियों के व्यवहार की कई बार शिकायत की हो। लेकिन इसके बजाय वह बच्ची बिना किसी निगरानी के क्लास से बाहर निकल जाती है। जब वह अकेले सीढ़ियां चढ़ती है, तो उसे खोजने कोई नहीं आता। वह आपस में बात करते कर्मचारियों और शिक्षकों के पास से होकर गुजर जाती है। किसी के मन में यह सवाल नहीं आता कि बच्ची कहां जा रही है और क्यों। ऊंचाई से डरने वाली वह बच्ची इमारत की मुंडेर पर जा बैठती है और लगभग 48 फीट नीचे कूद जाती है। इतने महीनों बाद भी कई अहम सवालों के जवाब नहीं मिले हैं। जैसे कि उस डिजिटल स्लेट पर क्या था? टीचर ने हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? बच्ची अकेले बाहर कैसे निकल गई? वह बिना किसी निगरानी के स्कूल के गलियारों में अकेले कैसे घूमती रही?
सीबीएसई की फैक्ट-फाइंडिंग समिति ने कहा था कि अमायरा की मौत को टाला जा सकता था और स्कूल समय रहते हस्तक्षेप करने में विफल रहा। समिति ने यह भी पाया कि बच्ची के गिरने की जगह के फोरेंसिक साक्ष्य के लिए महत्वपूर्ण होने के बावजूद स्कूल ने जल्दबाजी में उसे साफ करा दिया। मामले की जांच कर रहे 3 अधिकारी भी बदले जा चुके हैं। शिवानी और विजय ने मुझे बताया कि न्याय की लड़ाई शुरू करने के बाद से या तो उनकी ही बच्ची को दोषी ठहराया गया है या फिर उन्हें। शिवानी पर तो यह आरोप भी मढ़ दिया गया कि वे नौकरीपेशा मां थीं और उन्होंने अपनी बेटी की उपेक्षा की। अमायरा की दु:खद मृत्यु बुलीइंग, संवेदनहीनता और एक सुनियोजित संस्थागत लीपापोती की कहानी है। कल को उसकी जगह आपकी बेटी भी हो सकती है! किसी के मन में सवाल नहीं आया कि बच्ची क्लास से बाहर कहां जा रही है और क्यों। ऊंचाई से डरने वाली वह बच्ची 48 फीट नीचे कूद जाती है। उस डिजिटल स्लेट पर ऐसा क्या था, जिसने उसे इतना परेशान कर दिया था?
(ये लेखिका के अपने विचार हैं)

标签 :

留下回复

您的电子邮件地址不会被公开。 必填字段标有 *

最新消息

关于我们

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

联系我们: info@socialblize.com

联系方式: +91-7976784661

Socialblize @2026. 版权所有。