फिल्म का बजट महज 1.75 करोड़ रुपये था. ऐसे में बड़े बजट की फिल्मों की तरह हनुमान अंश के पास प्रमोशन का भारी भरकम पैसा नहीं था. इस वजह से उन्होंने तय किया की फिल्म का प्रमोशन भी नीम करौली बाबा के दिखाए रास्ते पर किया जाएगा, क्योंकि ये पूरी फिल्म भी उन्ही के जीवन से प्रेरित है. प्रोड्यूसर्स ने प्रमोशन के लिए जगह जगह भंडारों का आयोजन किया. फिल्म का पहला पोस्टर भी नैनीताल के कैंची धाम में नीम करौली बाबा के आश्रम पर रिलीज किया गया.

