अलवर के थानागाजी क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जोधावास में छात्र-छात्राओं ने तालाबंदी और धरना शुरू किया। 13–14 अगस्त 2026 को जर्जर भवन और स्कूल की दूसरी बुनियादी समस्याओं को लेकर विद्यार्थियों ने विरोध किया। इसके बाद प्रशासन को सामने आना पड़ा। जोधावास स्थित इस सरकारी स्कूल की हालत बदतर है। क्लासरूम की छतों से पट्टियां टूट-टूट कर गिर रही हैं और दीवारों में दरारें आ चुकी हैं। स्कूल परिसर में अब बैठने लायक कमरे भी सुरक्षित नहीं बचे हैं। जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर बच्चों और ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज किया। संबंधित अधिकारियों से कई बार कर चुके शिकायत स्कूल की बदहाली से नाराज छात्रों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर स्कूल के मेन गेट पर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने अधिकारियों से सीधे सवाल करते हुए पूछा – अगर आपके बच्चे होते, तो क्या आप उन्हें ऐसी ही सुविधा देते? ग्रामीणों का कहना है कि वे इस जर्जर भवन की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। किसी बड़े हादसे के इंतजार में बैठे प्रशासन को जगाने के लिए छात्रों को सड़कों पर उतरना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक स्कूल की मरम्मत या नए कमरों का इंतजाम नहीं हो जाता, उनका विरोध जारी रहेगा। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर बात की 14 अगस्त को प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सहमति बनी और धरना खत्म हुआ। मौके पर मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी, CBEO और अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी भी पहुंचे और विद्यार्थियों से बातचीत की। सीजेपी के सहसंयोजक आशुतोष रांका ने किया समर्थन इस प्रदर्शन में सीजेपी के सहसंयोजक आशुतोष रांका ने भी हिस्सा लिया। उनकी पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। इसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह पुलिस इंस्पेक्टर को चेतावनी देते हुए कहते हैं कि गलती से भी मेरे से पॉलिटिक्स मत खेलना, देश के शिक्षा मंत्री को हटाकर आए हैं। उन्होंने राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को भी चेतावनी दी है कि स्कूलों की व्यवस्था जल्दी नहीं सुधरी, तो आपकी भी कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी। आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को चेतावनी दी कि यदि 3 महीने में सभी जर्जर स्कूलों को ठीक नहीं कराया, तो आपकी कुर्सी खतरे में पड़ जाएगी।
सीजेपी से मिला मोटिवेशन, छात्राओं ने दिया धन्यवाद प्रदर्शन के बाद जोधावास की छात्राओं ने सीजेपी को धन्यवाद कहा। छात्राओं ने कहा कि उन्हें यह जोश और जूनुन सीजेपी के दिल्ली में हुए प्रोटेस्ट को देखकर मिला और उनमें भी अपने हक के लिए लड़ने की भावना जगी। इस दौरान सभी छात्राओं ने सीजेपी, अभिजीत दीपके और सोनम वांगचुंग को धन्यवाद दिया। उज्जैन में छात्राओं ने कलेक्टरेट के सामने किया धरना प्रदर्शन उज्जैन में सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी में शिफ्ट करने के विरोध में 14 अगस्त को 300-350 छात्राओं ने कलेक्ट्रेट घेरा। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान 2 छात्राएं बेहोश हो गईं, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। प्रदर्शन में एक छात्रा रोने लगी और कहा- हमारा भविष्य बर्बाद मत करिए। छात्रा दीपिका शर्मा ने कहा- स्कूल को शहर से करीब 12-15 किलोमीटर दूर दाऊदखेड़ी शिफ्ट किया जा रहा है। इतनी दूर स्कूल जाने में आने-जाने और सुरक्षा की परेशानी होगी। वहीं, सलोनी शर्मा ने कहा- हम ‘दाऊदखेड़ी नहीं जाएंगे’ और ‘ये मनमानी नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। 6 स्कूलों के 2500 से 2600 बच्चे प्रभावित होने का दावा स्कूल बचाओ समिति से जुड़े एडवोकेट जितेंद्र सेंगर के मुताबिक, इस प्रक्रिया से करीब 6 स्कूलों के 2500-2600 बच्चे प्रभावित होंगे। सराफा के 9वीं से 12वीं तक के कन्या विद्यालय में करीब 300 से 350 छात्राएं पढ़ती हैं। इसी तरह महाकाल मैदान स्थित कन्या माध्यमिक विद्यालय में कक्षा पहली से आठवीं तक करीब 350 छात्राएं हैं। इसके अलावा महाराजवाड़ा, सीएम राइज, नूतन और माधवेंद्र जैसे स्कूलों के विद्यार्थी भी इस बदलाव से प्रभावित होंगे। स्कूल प्रबंधन भी परेशान, लेकिन खुलकर विरोध नहीं समिति से जुड़े लोगों के मुताबिक, प्रिंसिपल और शिक्षक निजी बातचीत में बच्चों के नुकसान की बात स्वीकार करते हैं, लेकिन खुलकर सामने आने से बच रहे हैं। छात्राओं के माता – पिता, छात्राएं, शिक्षक और प्रिंसिपल कोई भी इस फैसले से खुश नहीं है। स्कूल प्रबंधन भी चाहता है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। DEO बोले- शासन का निर्णय, मॉनिटरिंग समिति लेगी अंतिम फैसला जिला शिक्षा अधिकारी महेंद्र खत्री ने कहा कि यह शासन का निर्णय है। स्कूलों से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजे गए थे। इस मामले में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति अंतिम निर्णय लेगी। फिलहाल सराफा स्कूल को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने के मामले में अंतिम निर्णय जिला स्तरीय मॉनिटरिंग समिति को लेना है। ये खबर भी पढ़ें प्राइमरी स्कूल का छात्र पुलिस चौकी पहुंचा:रोते हुए कहा – मैडम फोन देखती रहती हैं, बड़े बच्चे मारते-पीटते हैं, शिकायतें कोई नहीं सुनता कानपुर देहात के प्राइमरी स्कूल का एक छात्र माधव मिश्रा स्कूल प्रशासन से परेशान होकर अपनी शिकायतें पुलिस चौकी करने पहुंचा। वहां उसने कहा – मैडम फोन देखती रहती हैं… बड़े बच्चे मारते-पीटते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें

