कभी-कभी गले में खराश होना या खंखारकर गला साफ करना सामान्य है। लेकिन अगर बिना सर्दी-खांसी के भी बार-बार गला साफ करने का मन करे, गले में कुछ फंसा-फंसा महसूस हो या आवाज बार-बार बैठ जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसकी वजह ‘हिडेन एसिडिटी’ हो सकती है। ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ के मुताबिक, पेट का एसिड जब बार-बार ऊपर की तरफ फूड पाइप में आने लगता है तो उसे गैस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लक्स डिजीज (GERD) कहते हैं। कुछ लोगों में यही एसिड गले और वॉयस बॉक्स तक पहुंच जाता है। इसे लैरिंगोफैरिंजियल रिफ्लक्स (LPR) या हिडेन/साइलेंट एसिडिटी कहते हैं। इसमें सीने में जलन जैसे एसिडिटी के कॉमन लक्षण नहीं दिखते। इसलिए इसका पता देर से चलता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हिडेन एसिडिटी की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. अशोक कुमार, सीनियर कंसल्टेंट, HOD, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपर स्पेशलिटी, हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- अगर गले में हर वक्त कुछ फंसा-फंसा महसूस होता है तो इसके पीछे क्या कारण हो सकता है? जवाब- मेडिसिन की भाषा में इसे ‘ग्लोबस सेंसेशन’ कहते हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं- हालांकि कुछ मामलों में गले में गांठ या ट्यूमर जैसी गंभीर वजह भी इसका कारण हो सकती है। सवाल- हिडेन एसिडिटी क्या है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- हिडेन एसिडिटी के संकेत क्या हैं? जवाब- इसके संकेत सामान्य एसिडिटी से अलग होते हैं। सभी संकेत ग्राफिक में देखिए- सवाल- सामान्य एसिडिटी और हिडेन एसिडिटी में क्या फर्क है? जवाब- दोनों में पेट का एसिड ऊपर की ओर आता है, लेकिन इनके लक्षण अलग–अलग होते हैं। सामान्य एसिडिटी में परेशानी मुख्य रूप से सीने और पेट में महसूस होती है, जबकि हिडेन एसिडिटी में गला और आवाज ज्यादा प्रभावित होते हैं। ग्राफिक में दोनों का फर्क देखिए- सवाल- किन लोगों में हिडेन एसिडिटी का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- हिडेन एसिडिटी किसी को भी हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- कौन-सी आदतें हिडेन एसिडिटी का रिस्क बढ़ाती हैं? जवाब- रोजमर्रा की कुछ आदतें हिडेन एसिडिटी का रिस्क बढ़ा सकती हैं, जैसेकि– सवाल- क्या कुछ दवाएं भी एसिड रिफ्लक्स की वजह बन सकती हैं? जवाब- हां, कुछ दवाएं फूड पाइप और पेट के बीच मौजूद मसल्स को ढीला कर सकती हैं या पेट में एसिड बढ़ा सकती हैं, जैसेकि- ध्यान रहे, कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना बंद न करें। अगर दवा लेने के बाद एसिडिटी की समस्या बढ़े तो डॉक्टर को बताएं। सवाल- क्या गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना किसी अन्य बीमारी का संकेत भी हो सकता है? जवाब- हां, कई दूसरी बीमारियों या हेल्थ कंडीशन में भी ऐसा महसूस हो सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या स्ट्रेस या एंग्जाइटी में भी ऐसा महसूस हो सकता है? जवाब- हां, स्ट्रेस या एंग्जाइटी भी इसकी एक वजह हो सकती है। पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- हिडेन एसिडिटी को कैसे डाइग्नोज किया जाता है? जवाब- डॉक्टर लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर चेकअप करते हैं। जरूरत पड़ने पर ये टेस्ट कराए जा सकते हैं- सवाल- इससे बचने के लिए खानपान में क्या बदलाव करें? जवाब- खानपान में कुछ छोटे बदलाव से हिडेन एसिडिटी के लक्षण काफी हद तक कम हो सकते हैं। ऐसे फूड आइटम्स खाएं, जो हल्के हों और एसिड रिफ्लक्स को न बढ़ाएं। क्या खाएं और क्या न खाएं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- लाइफस्टाइल में कौन से बदलाव जरूरी हैं? जवाब- हिडेन एसिडिटी को कंट्रोल करने के लिए रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव करना जरूरी है, जैसेकि- …………………………. ये खबर भी पढ़ें…. जरूरत की खबर- गेहूं आटे में स्टोन पाउडर की मिलावट:खाने से किडनी-लिवर डैमेज का रिस्क, एक्सपर्ट से जानें मिलावटी आटा कैसे पहचानें हाल ही में दैनिक भास्कर की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट से पता चला कि उत्तर प्रदेश की कई फैक्ट्रियों में गेहूं के आटे में सफेद पत्थर का चूरा (स्टोन पाउडर) मिलाया जा रहा है। रिपोर्टर ने बाकायदा ऑन कैमरा इस पूरे प्रोसेस को कैद किया। पूरी खबर पढ़ें…


