हाल ही में उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात की सरकारों ने ‘एनालॉग पनीर’ के प्रोडक्शन, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन पर बैन लगा दिया है। दरअसल, राज्यों में कई जगह इसे डेयरी पनीर बताकर बेचा जा रहा था। इससे उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी हो रही थी। कुछ मामलों में इसकी क्वालिटी, लेबलिंग और फूड सेफ्टी मानकों की अनदेखी भी हो रही थी। इसके बाद से ‘एनालॉग पनीर’ को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है। लोगों में इसे लेकर कई तरह के सवाल हैं कि क्या ये नकली पनीर है, ये कैसे बनता है वगैरह। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में एनालॉग पनीर के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- देवेन्द्र कुमार दुबे, फूड सेफ्टी ऑफिसर, फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, दमोह डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर सवाल- एनालॉग पनीर क्या है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- पांच राज्यों ने एनालॉग पनीर पर बैन क्यों लगाया? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- एनालॉग पनीर को लेकर FSSAI का क्या कहना है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- डेयरी और एनालॉग पनीर में क्या फर्क है? जवाब- दोनों में मुख्य अंतर इंग्रीडिएंट्स और न्यूट्रिशन का होता है। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या एनालॉग पनीर ‘नकली’ होता है? जवाब- एनालॉग पनीर ‘नकली’ नहीं होता, लेकिन ये दूध से बना डेयरी प्रोडक्ट भी नहीं होता है। यह डेयरी पनीर का सस्ता विकल्प है। इसे नॉन-डेयरी फैट और अन्य इंग्रीडिएंट्स से तैयार किया जाता है। गलत और फ्रॉड बात है, लोगों को गलत जानकारी देकर इसे बेचना। ये न बताना कि ये डेयरी पनीर नहीं है। लोग तो पनीर के बारे में ये मानकर चलते हैं कि वो दूध से ही बना होगा। लेकिन उन्हें ये पता नहीं होता कि वे दूध के अलावा कई दूसरी चीजों को मिलाकर बनाया गया पनीर खा रहे हैं। सवाल- असली पनीर और एनालॉग पनीर बनाने की प्रक्रिया क्या है? जवाब- दोनों की प्रक्रिया अलग होती है। इसे डिटेल में समझिए– असली पनीर एनालॉग पनीर
सवाल- क्या एनालॉग पनीर और सिंथेटिक पनीर एक ही हैं? जवाब- नहीं, इन दोनों के बीच अंतर पॉइंटर्स से समझिए- एनालॉग पनीर: यह डेयरी पनीर का विकल्प है। अगर सही मानक पर बनाया जाए और ‘एनालॉग पनीर’ के नाम से बेचा जाए, तो यह नियमों के खिलाफ नहीं है। सिंथेटिक पनीर: यह पूरी तरह अवैध और मिलावटी होता है। इसे डिटर्जेंट, यूरिया, सल्फ्यूरिक एसिड, सोडा और पेंट/केमिकल जैसी खतरनाक चीजों से तैयार किया जाता है। यह सेहत के लिए हानिकारक है। सवाल- उपभोक्ताओं को एनालॉग पनीर के बारे में जानना क्यों जरूरी है? जवाब- दोनों की सामग्री और बनाने का तरीका अलग होता है। सही जानकारी होने पर ग्राहक अपनी पसंद, जरूरत और बजट के अनुसार फैसला ले सकता है। साथ ही किसी तरह के भ्रम या गलत जानकारी से बच सकता है। सवाल- क्या एनालॉग पनीर सेहत के लिए नुकसानदायक है? जवाब- कभी-कभार एनालॉग पनीर खाने से नुकसान नहीं है। लेकिन लंबे समय तक इसे खाने से कई हेल्थ रिस्क हो सकते हैं। ग्राफिक में देखिए- सवाल- एनालॉग पनीर किन लोगों के लिए ज्यादा रिस्की हो सकता है? जवाब- इसे डेली खाना किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। खासकर जिन लोगों को पहले से हार्ट डिजीज, क्राॅनिक डाइजेस्टिव इश्यू, हाई कोलेस्ट्रॉल और मोटापा है, उन्हें रिस्क ज्यादा होता है। सवाल- एनालॉग पनीर को कैसे पहचानें? जवाब- इसे रंग, स्वाद और बनावट देखकर पहचानना मुश्किल है। हालांकि, कुछ बुनियादी तरीकों से इसकी पहचान की जा सकती है- सवाल- किन जगहों पर एनालॉग पनीर इस्तेमाल होने की संभावना ज्यादा होती है? जवाब- एनालॉग पनीर की लागत डेयरी पनीर से काफी कम होती है। इसलिए उन जगहों पर इसके इस्तेमाल की आंशका ज्यादा रहती है, जहां बड़ी मात्रा में पनीर की जरूरत होती है। जैसे- (कुल मिलाकर कोई भी ऐसी जगह जहां खपत बड़े पैमाने पर होती है।) सवाल- कौन-सी डिशेज में इनका इस्तेमाल ज्यादा होता है? जवाब- इसका जवाब बहुत सिंपल है। हर वो डिश, जिसमें किसी भी रूप में पनीर का इस्तेमाल हो रहा है, उसमें एनालॉग पनीर हो सकता है, जैसेकि- सवाल- पनीर खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- खरीदते हुए पैकेट का लेबल जरूर पढ़ें और इंग्रीडिएंट्स जरूर चेक करें। ‘एनालॉग’ या ‘नॉन-डेयरी’ लिखा हो तो उसे डेयरी पनीर समझकर न खरीदें। साथ ही कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- अगर असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर मिलने का शक हो तो कहां और कैसे शिकायत करें? जवाब- FSSAI के ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ पोर्टल/एप पर इसकी शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के साथ पैकेट/पनीर की फोटो, बिल, दुकान/रेस्टोरेंट का नाम और FSSAI लाइसेंस नंबर जैसी जानकारी दें। शिकायत मिलने पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी जांच और सैंपल टेस्टिंग करते हैं। सवाल- असली पनीर के नाम पर एनालॉग पनीर बेचने वाले पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- एनालॉग पनीर को गलत लेबलिंग के साथ डेयरी पनीर बताकर बेचना खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है। ऐसे में प्रोडक्ट नष्ट करने, लाइसेंस रद्द करने और जुर्माने जैसी कार्रवाई हो सकती है। गंभीर मामलों में कानून के तहत सजा का भी प्रावधान है। …………………………….. ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- सोया चाप बैटर में लोटता दिखा वर्कर:जानें FSSAI के हाइजीन रूल्स, रेस्त्रां में खाने से पहले बरतें 11 सावधानियां हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें एक शर्टलेस वर्कर गीले फर्श पर रखे सोया चाप के बैटर में लोटता हुआ नजर आया। वीडियो कथित तौर पर एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का है। इस घटना ने फूड हाइजीन और फूड सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें…



