केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को कहा कि गूगल एक्सपोर्ट के लिए पिक्सल फोन सहित अपने डिवाइसेस के प्रोडक्शन का एक बड़ा हिस्सा चीन से भारत शिफ्ट कर सकती है। इसके अलावा, अमेरिकी टेक कंपनी एपल से भी देश में आईफोन के अलावा अन्य प्रोडक्ट्स बनाने पर बातचीत चल रही है। वैष्णव ने बताया कि सरकार एपल के साथ लगातार संपर्क में है। चीन से पूरी तरह बोरिया-बिस्तर समेटेगी गूगल गूगल ने 2023 में भारत में अपने ‘पिक्सल 8’ फोन की असेंबलिंग शुरू की थी। अब कंपनी भारत में बने फोन्स को दुनियाभर में एक्सपोर्ट करने की तैयारी में है। इसके लिए भारतीय कंपनी डिक्सन टेक्नोलॉजीज फोन असेंबल करने का काम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल साल 2027 तक चीन में अपना प्रोडक्शन पूरी तरह बंद कर सकती है। कंपनी अपने पिक्सल फोन, स्मार्टवॉच और वायरलेस ईयरबड्स का पूरा काम चीन से हटाकर भारत और वियतनाम में शिफ्ट करने की योजना बना रही है। केंद्रीय मंत्री को बड़ी उम्मीद हालांकि, गूगल ने अभी इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं की है, लेकिन आईटी मंत्री का कहना है कि सरकार एपल के साथ-साथ गूगल से भी लगातार बातचीत कर रही है। सरकार को उम्मीद है कि दुनियाभर के बाजारों के लिए बनने वाले गूगल डिवाइसेज का एक बहुत बड़ा हिस्सा भारत में ही तैयार होगा। आईफोन बनाने में भारत की बड़ी हिस्सेदारी एपल साल 2017 से भारत में आईफोन बना रही है। टाटा ग्रुप और फॉक्सकॉन जैसी कंपनियों के साथ मिलकर अब भारत में इसका प्रोडक्शन बहुत तेजी से बढ़ा है। एक अनुमान के मुताबिक, साल 2026 में दुनियाभर के कुल आईफोन्स का करीब 26% हिस्सा अकेले भारत में बनेगा। भारत अब एपल के लिए सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि एक बड़ा एक्सपोर्ट हब बन चुका है। भारत के फॉक्सकॉन प्लांट में बनने वाले आईफोन्स का एक बहुत बड़ा हिस्सा सीधे अमेरिका एक्सपोर्ट किया जा रहा है। सिर्फ आईफोन नहीं, दूसरे प्रोडक्ट्स पर भी जोर मौजूदा समय में भारत में आईफोन की फाइनल असेंबलिंग के साथ-साथ कंपोनेंट्स भी बनाए जा रहे हैं। अब भारत सरकार एपल के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि आईफोन के अलावा कंपनी के अन्य प्रोडक्ट्स (जैसे आईपैड या मैकबुक) की मैन्युफैक्चरिंग भी भारत में शुरू की जा सके। ₹62,500 करोड़ की नई मोबाइल स्कीम सरकार ने देश में मोबाइल बनाने वाली कंपनियों के लिए ₹62,500 करोड़ के बजट वाली एक नई स्कीम को मंजूरी दे दी है। यह स्कीम फाइनेंशियल ईयर 2027 से 2031 तक चलेगी। पुरानी PLI स्कीम 31 मार्च 2026 को खत्म हो चुकी है, जिसके तहत भारत में केवल बाहर से पुर्जे मंगाकर फोन असेम्बल किए जाते थे। इस नई स्कीम का असली मकसद फोन के साथ-साथ कंपोनेंट्स भी भारत के भीतर ही तैयार करना है।

