जौहर यूनिवर्सिटी एक समय समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आज़म खान की सबसे बड़ी राजनीतिक और शैक्षणिक परियोजना मानी जाती थी. इसे उन्होंने सिर्फ एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि अपनी सोच और विरासत का प्रतीक बताया था. लेकिन अब यही यूनिवर्सिटी कानूनी विवादों, सरकारी कार्रवाई और बुलडोजर की चर्चाओं के केंद्र में है. सवाल यह उठ रहा है कि क्या जौहर यूनिवर्सिटी पर हो रही कार्रवाई सिर्फ एक संस्थान तक सीमित है, या फिर यह आज़म खान की राजनीतिक विरासत पर भी असर डाल सकती है?


