राजस्थान के सीकर जिले में श्रद्धा, सेवा और संस्कार की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली. 21 वर्षीय राहुल कुमार बरवड़ ने कांवड़ के एक पलड़े में रुद्राभिषेक का जल और दूसरे में अपनी दादी लच्छी देवी को बैठाकर 45 किलोमीटर की पैदल यात्रा शुरू की है. करीब 81 किलो वजन उठाकर राहुल लोहार्गल से अपने गांव रामपुरा तक पहुंच रहे हैं. पहले भी कांवड़ ला चुके राहुल ने इस बार भगवान शिव की भक्ति के साथ अपनी दादी को तीर्थ यात्रा कराने का संकल्प लिया. उनकी यह यात्रा भक्ति के साथ-साथ बुजुर्गों के सम्मान और परिवारिक मूल्यों की प्रेरणादायक मिसाल बन गई है.

