热门话题

एन. रघुरामन का कॉलम:सोशल बफर्स के तौर पर बॉट्स का इस्तेमाल ‘सेल्फ मिसट्रस्ट’ की महामारी

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

अजय रिसर्चर के तौर पर अपने काम में एआई का इस्तेमाल करता है। लेकिन लैब से बाहर भी एआई टूल उसका कन्वर्सेशन-कोच बन गया है। वह ईवनिंग पार्टियों में बातचीत की शुरुआती लाइनें और मेहमानों व दोस्तों को विश करने के आइडिया लिखने में भी उसकी मदद लेता है। जब वह पूछता है कि यदि कोई ऐसा मुश्किल सवाल पूछ ले कि ‘शादी कब कर रहे हो?’ तब भी सामने वाले को जवाब देने में एआई उसकी मदद करता है। मान लीजिए बातचीत किसी ऐसी किताब या आर्टिकल पर पहुंच गई, जिसके बारे में अजय को जानकारी नहीं है तो वह तुरंत एआई से समरी मांग लेता है। जब तक एआई समरी बनाता है, उन पलों में अजय एक लाइन कहता रहता है कि ‘मैं कभी-कभी पढ़ता हूं।’ ऐसा नहीं कि अजय खुद नहीं सोच सकता, लेकिन एआई चीजों को थोड़ा आसान बना देता है। 20 वर्षीय अजय युवाओं की तेजी से बढ़ती उस जमात का हिस्सा है, जो बेहद इंसानी कामों को भी एआई से करवा रहे हैं। छोटी-बड़ी सोशल एंग्जायटी से जूझ रहे कई युवा अजय की तरह ही आमने-सामने की मुलाकात से पहले एआई की मदद लेते हैं। सामान्य व्हाट्सएप चैट में भी अब बॉट-जनरेटेड मैसेज दिखने लगे हैं, लेकिन इस उम्र के रोमांटिक पार्टनर्स के बीच इनकी संख्या काफी है। अचानक उनके टेक्स्ट सटीक ग्रामर वाले हो जाते हैं। जबकि सामने वाला जानता है कि यह वही व्यक्ति है, जो साधारण लाइनें भी पांच गलतियों के बगैर नहीं लिख पाता था। कई रिश्ते तो मजबूत बनने से पहले ही टूटने लगे हैं। एक पार्टनर चाहता है कि बातचीत थोड़ा विस्तार लिए हो, क्योंकि अपनापन उसी इनफॉर्मेलिटी से आता है। यह परफेक्शन इसलिए आती है, क्योंकि चैटबॉट्स इंसानी भाषा के पैटर्न को जोड़कर वाक्य बनाते हैं। मैं एक ऐसी लड़की को जानता हूं, जिसने अपनी रिलेशनशिप इसलिए खत्म कर दी, क्योंकि उसे लगा कि जिस लड़के को वह डेट कर रही थी, वह इतना आलसी और अनरोमांटिक है कि उसने उनकी बातचीत को भी एआई को सौंप दिया। ब्लॉक करने से पहले उसने अपने आखिरी मैसेज में कहा कि ‘अजीब है कि तुम्हारे प्यार के शब्द भी अपने नहीं, एआई जनरेटेड हैं।’ स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट एशली गोल्डन कहती हैं कि ‘यह दोनों पक्षों के लिए नुकसानदायक है। चैटबॉट्स का उद्देश्य प्रोडक्टिविटी बढ़ाना था, रिलेशनशिप बनाना नहीं।’
अगर आप ऐसे युवा हैं, जो अपना हर टेक्स्ट एआई से जंचवा रहे हैं तो आप खुद को यही सिखा रहे हैं कि आपकी अपनी समझ भरोसे लायक नहीं। यह बात खासतौर पर उन लोगों पर ज्यादा लागू होती है, जिन्हें सोशल एंग्जायटी रहती है। गोल्डन मानती हैं कि एआई लोगों को सोशल मिसस्टेप्स की पीड़ा से बचा सकता है, लेकिन यह राहत अस्थायी होती है। धीरे-धीरे यही टूल बैसाखी बन जाता है और लोग खुद के फैसलों पर ही कम भरोसा करने लगते हैं। आज कई एग्जीक्यूटिव्स जब मैनेजमेंट के नोटिस का गुस्से भरा रिप्लाई लिखते हैं तो उसे एआई से सुधारने की कोशिश करते हैं। पहले मन के भाव लिखना और फिर उन्हें एआई के जरिए भाषा में ढालना रिसीवर को थोड़ा उलझन में डाल देता है। भाषा भले बेहतर हो जाती हो, लेकिन पत्र में भावनाएं कोई स्पष्ट रुख नहीं दर्शातीं। कई बार दोस्तों से आमने-सामने की बातचीत के लिए एआई का सहारा लेना युवाओं पर उल्टा भी पड़ चुका है और बाद में गोल्डन ने उनकी काउंसलिंग की। एक्सपर्ट्स का कहना है कि किसी मुश्किल बातचीत की तैयारी के लिए एआई का इस्तेमाल सही है, लेकिन पूरी बातचीत उसी के भरोसे नहीं होनी चाहिए। एआई यह बता सकता है कि क्या कहना है, लेकिन कैसे कहना है यह हर व्यक्ति को खुद सीखना होगा। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बड़े इवेंट्स या क्लाइंट्स के जवाब तैयार करने तक तो एआई का इस्तेमाल ठीक है, लेकिन इमोशनल बातचीत की स्क्रिप्ट लिखवाना बैकफायर कर सकता है। क्योंकि वह आपके कैरेक्टर से मेल नहीं खाता। फंडा यह है कि अगर आप अपनी जिंदगी की हर चीज एआई से पॉलिश कराएंगे तो धीरे-धीरे अपनी ही आवाज पर भरोसा खो सकते हैं।

标签 :

留下回复

您的电子邮件地址不会被公开。 必填字段标有 *

最新消息

关于我们

Socialblize是您值得信赖的目的地,提供来自印度和世界各地的最新新闻、热门故事和富有洞察力的更新。我们致力于提供快速、准确和公正的新闻,让您每天都能及时了解情况。

联系我们: info@socialblize.com

联系方式: +91-7976784661

Socialblize @2026. 版权所有。