कानपुर के स्वरूप नगर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की एक शाखा में कई सेफ्टी लॉकर मौजूद हैं. जब बैंक की ग्राहक रश्मि अरोड़ा ने अपना लॉकर खोला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लॉकर में रखे करीब 50 लाख रुपये मूल्य के पुश्तैनी और कीमती जेवर गायब थे. हालांकि, इस कहानी की शुरुआत इससे कई साल पहले होती है. रश्मि अरोड़ा ने यह लॉकर वर्ष 2003 में लिया था. उस समय यह शाखा स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर (SBT) के तहत संचालित होती थी. बाद में वर्ष 2017 में स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर का भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में विलय हो गया. विलय के बाद बैंक के खातों, ग्राहकों और लॉकर जैसी सभी सेवाओं का संचालन एसबीआई के अधीन आ गया.

