इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख आज 31 जुलाई 2026 है। गुरुवार तक 5 करोड़ से ज्यादा टैक्सपेयर्स अपना ITR फाइल कर चुके हैं। अगर आप आज आईटीआर फाइल करने में चूक जाते हैं, तो 31 दिसंबर तक जुर्माना भरकर ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। किसे 31 जुलाई तक ITR फाइल करना जरूरी? नोट: जिन बिजनेस ओनर और प्रोफेशनल्स को ऑडिट की जरूरत होती है उनके लिए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2026 या 31 अक्टूबर 2026 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) आनंद जैन से रिटर्न भरने की प्रोसेस 4 स्टेप में जानें… 1. सभी कागजात तैयार रखें सैलरी, टीडीएस की जानकारी के लिए के लिए फॉर्म 16। कितना टैक्स जमा किया और कितना बाकी है इसके लिए फॉर्म 26AS और एनुअल इन्फॉर्मेशन स्टेटमेंट (AIS)। बैंक स्टेटमेंट, ब्याज प्रमाण पत्र के अलावा एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी जैसे इन्वेस्टमेंट प्रूफ। घर/मकान लोन की डिटेल। किराए की रसीद, कैपिटल गेन की जानकारी। 2. सही आईटीआर फॉर्म चुनें 3. ऑनलाइन आईटीआर फाइलिंग 4. आईटीआर वेरिफिकेशन 31 जुलाई तक ITR नहीं भरने पर 5 बड़े नुकसान 1. बिलेटेड रिटर्न फाइल करने पर जुर्माना देना होगा 2. बकाया टैक्स पर 1% प्रतिमाह ब्याज अगर आपका कोई टैक्स बकाया है और आप समय पर ITR फाइल नहीं करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 234A के तहत ब्याज लगेगा। बकाया टैक्स राशि पर 1% प्रति महीने ब्याज लगेगा। अगर आपका पूरा टैक्स पहले ही कट चुका है, तो यह ब्याज लागू नहीं होगा। 3. घाटे को आगे कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे इनकम टैक्स नियमों के मुताबिक, समय पर ITR भरने पर चालू साल के घाटे को अगले सालों में होने वाले मुनाफे से सेट-ऑफ करने की छूट मिलती है। देरी से रिटर्न भरने पर प्रॉपर्टी बिक्री में हुआ कैपिटल लॉस, शेयर/म्यूचुअल फंड का घाटा और बिजनेस लॉस आगे कैरी फॉरवर्ड करने का मौका खत्म हो जाएगा। 4. रिफंड मिलने में देरी होगी अगर आपने देनदारी से ज्यादा टैक्स दिया है और रिफंड क्लेम करना चाहते हैं, तो समय पर फाइलिंग जरूरी है। देरी से भरे गए ITR की रिफंड प्रोसेसिंग में ज्यादा समय लगता है। 5. लोन अप्रूवल और वीजा प्रोसेस पर असर लेट रिटर्न भरने से आपकी फाइनेंशियल प्रोफाइल पर असर पड़ता है। रिटर्न में गलत जानकारी देने से बचें कई टैक्सपेयर गलत डिडक्शन जैसे – LIC, मेडिक्लेम, हाउस लोन इंटरेस्ट और चंदे की गलत जानकारी देकर टैक्स बचाते हैं। लेकिन इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आज के समय में AI के जरिए रिटर्न का डेटा एनालिसिस करता है। गलत जानकारी देने से नोटिस आ सकता है। डेडलाइन एक्सटेंशन की कोई घोषणा नहीं हुई इस साल टैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार 31 जुलाई की तारीख को आगे बढ़ाएगी। 29 जुलाई 2026 तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) की ओर से डेडलाइन एक्सटेंशन को लेकर कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जब तक सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक ऐलान नहीं होता, तब तक टैक्सपेयर्स को 31 जुलाई को ही अंतिम तारीख मानकर तुरंत फाइलिंग पूरी कर लेनी चाहिए। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है बिलेटेड रिटर्न ? अगर कोई टैक्सपेयर तय डेडलाइन तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न जमा नहीं कर पाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 139(4) के तहत उसे बाद में रिटर्न फाइल करने की छूट मिलती है। इसे ही ‘बिलेटेड रिटर्न’ कहते हैं। AY 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होती है।

