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ITR-फाइलिंग के लिए 10 दिन से कम का टाइम बचा:रिटर्न भरने पर आसानी से मिलता है लोन, यहां जानें इसके 5 फायदे

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वित्त वर्ष 2025-26 के लिए के लिए इनकम टैक्स रिटर्न फाइन (ITR) करने के लिए 10 दिन से भी कम का टाइम बचा है। आम टैक्सपेयर्स के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है। कई लोगों का मानना है कि अगर उनकी सालाना इनकम ढाई लाख से कम है और वो टैक्स के दायरे में नहीं आते हैं तो उन्हें ITR भरने की जरूरत नहीं है, लेकिन ऐसा नहीं है। अगर आप इनकम टैक्स के दायरे में नहीं भी आते हैं तब भी आपको रिटर्न फाइल करना चाहिए, क्योंकि अगर आप ITR फाइल करते हैं तो इससे आपको कई फायदे होते हैं। ITR फाइल करने से लोन मिलने में आसानी होती है। टैक्स एक्सपर्ट CA आनंद जैन आपको ITR फाइल करने के 5 फायदों के बारे में बता रहे हैं… सबसे पहले जानें इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) क्या होता है?
इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) एक तरह का हिसाब है, जो आप सरकार को देते हैं। इसमें आप बताते हैं कि पिछले साल आपकी कितनी कमाई हुई, किस कमाई पर टैक्स चुकाना है और कितना टैक्स आपने एडवांस में भर दिया है। इससे पता चलता है कि टैक्स के रूप में आप सरकार को कुछ और पैसे देंगे या सरकार आपको कुछ पैसे वापस करेगी। 1. जुर्माने से बच जाएंगे निर्धारित तारीख के भीतर ITR दाखिल नहीं करने पर आपको जुर्माना यानी पेनल्टी चुकाना पड़ सकता है। अगर किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर की सालाना आय 5 लाख रुपए से ज्यादा है, तब उसे 5,000 रुपए की लेट फीस देनी होगी। अगर टैक्सपेयर की सालाना कमाई 5 लाख रुपए से कम है, तब उसे लेट फीस के रूप में 1,000 रुपए भरने होंगे। समय पर ITR दाखिल करके इस जुर्माने से बचा जा सकता है। 2. नोटिस का डर नहीं रहेगा अभी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास कई सोर्सों से आपकी आय की जानकारी पहुंच जाती है, समय पर ITR दाखिल नहीं करने पर आयकर विभाग उन जानकारियों के आधार पर आपको नोटिस भेज सकता है। नोटिस की परेशानियों से बचने के लिए समय पर ITR जमा करना फायदेमंद है। 3. ब्याज की बचत इनकम टैक्स नियमों के अनुसार यदि किसी करदाता ने टैक्स नहीं चुकाया है या उस पर बनने वाले कुल टैक्स का 90% से कम चुकाया है तो उसे सेक्शन 234बी के तहत हर महीने 1% ब्याज पेनल्टी के रूप में चुकाना होगा। इस तरह समय से रिटर्न दाखिल कर इनकम टैक्स पर लगने वाले ब्याज की बचत कर सकते हैं। 4. नुकसान कैरी फॉरवर्ड कर सकेंगे आयकर के नियमों के मुताबिक निर्धारित तारीख तक ITR दाखिल करने पर आप अपने नुकसान को आगे के वित्त वर्षों के लिए कैरी फारवर्ड कर सकते हैं। यानी अगले वित्त वर्षों में आप अपनी कमाई पर टैक्स देनदारी कम कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, अगर शेयरों की बिक्री पर लॉस हुआ है, तो फिर उसे 8 सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है। हालांकि, अगर समय पर रिटर्न फाइल नहीं गया है तो लॉस को कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकता और ये फायदा नहीं मिलेगा। 5. टैक्स रिफंड क्लेम करने के लिए अगर आपकी आमदनी से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा करा दिया गया है तो आप ITR फाइल किए बिना उसे वापस नहीं पा सकते, भले ही आपकी आमदनी इनकम टैक्स में बेसिक एग्जंप्शन लिमिट के अंदर ही हो। आपको अगर टैक्स रिफंड क्लेम करना है तो इसके लिए ITR दाखिल करना जरूरी है। आप जब ITR दाखिल करते हैं तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उसका असेस्मेंट करता है। आपका अगर रिफंड बनता है तो वह सीधे बैंक अकाउंट में क्रेडिट कर दिया जाता है।

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