Hot Topics

आरती जेरथ का कॉलम:नागरिकता सिद्ध करने वाला दस्तावेज आखिर कौन-सा है?

Socialblize is your trusted destination for the latest news, trending stories, and insightful updates from India and around the world. We are committed to delivering fast, accurate, and unbiased news that keeps you informed every day.

बंगाल और बिहार में एसआईआर पर हुई तीखी बहस के बाद से ज्यादातर भारतीय इस प्रक्रिया को गहरी आशंका की नजर से देख रहे थे। ऐसे में एसआईआर का तीसरा चरण शुरू होते ही नागरिकता के प्रमाण को लेकर सरकार के विरोधाभासी बयानों ने भ्रम को और बढ़ा दिया है। हाल ही में विदेश मंत्रालय ने कहा कि 1955 के नागरिकता कानून के तहत पासपोर्ट किसी की नागरिकता का कानूनी दस्तावेज नहीं है। 1967 के पासपोर्ट एक्ट के अनुसार यह महज यात्रा का एक दस्तावेज है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्राओं को सुगम बनाना है। इस बयान से हैरान लाखों देशवासियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी और अविश्वास जताते हुए सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि यदि पासपोर्ट नहीं, तो कौन-सा दस्तावेज नागरिकता का निर्णायक प्रमाण है? चुनाव आयोग ने असमंजस को और बढ़ाया ही। आयोग के अधिकारियों ने एक समाचार एजेंसी से कहा कि पासपोर्ट उन 12 सहायक दस्तावेजों में शामिल रहेगा, जिन्हें वोटर एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची में शामिल होने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। अब चूंकि वैध नागरिकों को ही मतदान का अधिकार है तो आयोग के इस दावे से एक उचित सवाल उठना लाजिमी है। जब विदेश मंत्रालय हाल ही में कह चुका है कि पासपोर्ट नागरिकता का ‘निर्णायक और स्वतंत्र प्रमाण’ नहीं है, तो फिर चुनाव आयोग मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए इसे कैसे स्वीकार सकता है? एक ओर जहां पासपोर्ट-धारक यह सोचकर परेशान हैं कि आखिर उस बुकलेट की क्या कीमत है, जिसे वे लंबे समय से अपनी भारतीय नागरिकता का अंतिम प्रमाण मानते रहे थे, वहीं दूसरी ओर गृह मंत्रालय चुप्पी साधे बैठा है। भारतीय नागरिकता की प्राप्ति, निर्धारण और उसे रद्द करने के प्रावधानों को नियमित करने वाले नागरिकता कानून की नोडल मिनिस्ट्री गृह मंत्रालय ही है। लेकिन वह इस मुद्दे पर चल रही बहस में दखल देने से बच रहा है। यकीनन, नागरिकता एक कानूनी विषय है। लेकिन कानून की बारीकियों से परे, यह उन अनेक दस्तावेजों पर जनता के भरोसे का सवाल भी है, जिन्हें हम भारतीय होने के नाते अपने पास रखते हैं। वर्षों से पासपोर्ट-धारक भरोसा करते रहे कि नेवी ब्लू रंग की यह छोटी-सी बुकलेट उनकी नागरिकता का निर्णायक प्रमाण है। आखिरकार, सरकार भी यह बुकलेट तभी जारी करती है, जब वह पूरी तरह संतुष्ट हो जाती है कि आवेदक भारतीय नागरिक है और पासपोर्ट रखने का पात्र है। इसके लिए पुलिस सत्यापन भी किया जाता है। लेकिन यह भरोसा शायद गलत था। हम जानते हैं कि पैन कार्ड टैक्सेशन के लिए है। ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने की अनुमति देता है। आधार कार्ड पहचान और निवास का प्रमाण है, जो बैंक खाता खोलने के लिए जरूरी है। इसे पैन कार्ड से भी लिंक करना पड़ता है, ताकि हम टैक्स चुका सकें। हम यह भी जानते हैं कि वाेटर आईडी कार्ड से हम वोट दे सकते हैं। वहीं हम हमेशा यह सोचते रहे कि पासपोर्ट देश-विदेश में नागरिकता का प्रमाण है। यदि ऐसा नहीं है, तो नागरिकता सिद्ध करने वाला दस्तावेज कौन-सा है? 2019 में सरकार की ओर से जारी प्रेस रिलीज में भी कहा गया था कि ‘जन्मतिथि और जन्म-स्थान से संबंधित कोई भी दस्तावेज पेश करके नागरिकता सिद्ध की जा सकती है। हालांकि ऐसे दस्तावेजों के बारे में निर्णय होना अभी बाकी है।’ जब सरकार ही ऐसे दस्तावेज को लेकर भ्रम में है, तो फिर हम किसकी ओर देखें? समस्या नागरिक पंजीयन व्यवस्था में भी है। लाखों भारतीयों के पास जन्म प्रमाणपत्र नहीं है, क्योंकि जन्म पंजीकरण 1970 के बाद अनिवार्य हुआ था। इसके अलावा स्कूल प्रमाणपत्रों, जमीन संबंधी दस्तावेजों और यहां तक कि मतदाता सूचियों में भी लोगों के नाम अकसर अलग-अलग होते हैं। जब नागरिकता कानूनी जांच का विषय बन जाए तो दस्तावेजों में मौजूद विसंगतियां बड़ी कठिनाइयां पैदा करती हैं। 1955 के नागरिकता कानून के तहत माना जाता है कि 1950 के बाद भारत में जन्मा कोई भी व्यक्ति यहां का नागरिक है। हममें से अधिकांश लोगों ने कभी कल्पना नहीं की थी कि हमें यह साबित करने के लिए मशक्कत करनी होगी कि हम भारतीय नागरिक हैं।
(ये लेखिका के अपने विचार हैं)

Tags :

Social Blize

http://socialblize.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

About Us

Socialblize is your trusted destination for the latest news, trending stories, and insightful updates from India and around the world. We are committed to delivering fast, accurate, and unbiased news that keeps you informed every day.

Email Us: info@socialblize.com

Contact: +91-7976784661

Socialblize @2026. All Rights Reserved.