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31 जुलाई तक भर सकते हैं आयकर रिटर्न:ये 4 बातें सीनियर सिटीजन को टैक्स में राहत देंगी, मदद करेगी यह गाइड

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पेंशनर्स व गैर व्यावसायिक आय वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2025-26 का आयकर रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि किसे आईटीआर भरना है, किसे नहीं और कौन-सी टैक्स व्यवस्था आपके लिए फायदेमंद है। 1. 75 वर्ष से अधिक आयु वालों को आईटीआर भरने से छूट है – यदि उम्र 75 वर्ष या अधिक है तो धारा 194P के तहत आईटीआर दाखिल करने से छूट मिल सकती है। – आय सिर्फ पेंशन से है। ब्याज आय केवल उसी बैंक में है, जहां पेंशन आती है। बैंक में फॉर्म-125 जमा किया है तो बैंक स्वयं टैक्स की गणना कर टीडीएस काट लेगा। इसके बाद रिटर्न भरने से छूट मिल जाएगी। चेतावनी: यदि अन्य आय जैसे- शेयर, म्यूचुअल फंड, किराया या लाभ की स्थिति में यह छूट लागू नहीं होगी। 2. टैक्स गणना में जो रिजीम फायदे में, उसे चुन सकते हैं – वित्त वर्ष 2025-26 से नई कर व्यवस्था (धारा 115BAC) डिफॉल्ट व्यवस्था है। पुरानी व्यवस्था चुनने के लिए आईटीआर दाखिल करते समय स्पष्ट रूप से विकल्प चुनना होगा। – पुरानी व्यवस्था लाभदायक हो सकती है- यदि धारा 80C में निवेश, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम (80D), होम लोन ब्याज या अन्य कटौतियां अधिक हों। – नई व्यवस्था लाभदायक हो सकती है यदि कटौतियां कम हों, सामान्य आय ₹12 लाख तक हो। आईटीआर भरने से पहले दोनों रिजीम में टैक्स गणना अवश्य करें। 3. पुरानी टैक्स रिजीम में अभी भी आप ले सकते हैं ये छूट – धारा 80C: एलआईसी, पीपीएफ, एनएससी, एससीएसएस, एफडी निवेश पर डेढ़ लाख ₹की कटौती। – धारा 80D: स्वास्थ्य बीमा पर ₹50 हजार तक कटौती। यदि स्वास्थ्य बीमा नहीं है तो वास्तविक चिकित्सा खर्च पर भी 50 हजार रुपए तक की कटौती है। – धारा 80TTB: बैंक, सहकारी बैंक या डाकघर की जमा राशि पर ब्याज आय में ₹50 हजार तक की कटौती, लेकिन एनआरआई को यह लाभ नहीं मिलता है। – धारा 80DDB: कैंसर, किडनी फेल्योर जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर 1 लाख रु. ₹तक की कटौती। 4. यदि टीडीएस कट गया है तो रिफंड के लिए आईटीआर भरें – वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक बैंक में ब्याज आय ₹50 हजार से अधिक होने पर बैंक 10% टीडीएस काटता है। – यदि आपकी कुल आय कर योग्य नहीं है तो हर वित्त वर्ष की शुरुआत में बैंक में फॉर्म-15H जमा करने के बाद टीडीएस नहीं कटने की राहत मिलती है। – यदि वित्तीय वर्ष के शुरुआत में आपने फॉर्म-15H नहीं भरा है और बैंक ने टीडीएस काट लिया है तो रिफंड पाने के लिए आईटीआर दाखिल करना अनिवार्य है। – आईटीआर भरने के 30 दिनों के भीतर ई-वेरिफिकेशन करना भी जरूरी है, अन्यथा रिटर्न अधूरा माना जाएगा। जानिए कहां कितनी आय पर छूट मिल रही है ओल्ड रिजीम में छूट: 60-80 वर्ष वालों को ₹3 लाख तक की आय और 80+वर्ष वालों को ₹5 लाख की आय पर छूट है। न्यू रिजीम में छूट- इसमें सभी वर्ग के लिए सीमा 4 लाख है। धारा 87A-छूट- ओल्ड में ₹5 लाख आय पर ₹12,500 रु.। न्यू रिजीम में छूट- ₹ 12 लाख की आय पर ₹60 हजार रु. तक। (नोट: पूंजीगत लाभ जैसे- इक्विटी शेयरों आदि से होने वाली आय पर धारा 87A की छूट लागू नहीं होती।)

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