“घर बैठे पैसे कमाएं।” “वीडियो देखकर डेली पैसे कमाएं।” सोशल मीडिया स्क्रॉल करते हुए आपने कई बार इस तरह के एड देखें होंगे। ये एड ‘वॉच एंड अर्न’ एप्स के हैं। यानी ऐसे एप, जो वीडियो/एड देखने या छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बदले पैसे कमाने का दावा करते हैं। पार्ट-टाइम कमाई के लालच में अक्सर कई स्टूडेंट्स और युवा इन एप्स को डाउनलोड कर लेते हैं। शुरुआत में कुछ लोगों को थोड़े-बहुत पैसे भी मिल जाते हैं, जिससे उनका भरोसा बढ़ता है। लेकिन कई मामलों में साइबर क्रिमिनल्स इसी भरोसे का फायदा उठाकर ठगी को अंजाम देते हैं। हाल ही में गृह मंत्रालय और ‘इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर’ (I4C) ने ‘वॉच एंड अर्न’ एप्स को लेकर चेतावनी जारी की है। इसलिए ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में आज ‘वॉच एंड अर्न’ एप स्कैम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ‘वॉच एंड अर्न’ एप स्कैम क्या है? जवाब- यह एक तरह का साइबर फ्रॉड है, जिसमें एप से वीडियो, रील्स या विज्ञापन देखकर पैसे कमाने का दावा किया जाता है। इसमें- सवाल- साइबर ठग इस स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- ठग सोशल मीडिया, मैसेज या फेक विज्ञापनों के जरिए ‘वॉच एंड अर्न’ एप्स का प्रचार करते हैं। यूजर्स को कमाई का लालच देकर एप डाउनलोड करवाते हैं। यहीं से स्कैम की शुरुआत होती है। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- APK फाइल क्या है? इसे डाउनलोड करना क्यों रिस्की है? जवाब- ये एंड्रॉयड एप का इंस्टॉलेशन फाइल पैकेज है। फर्जी लिंक, पॉपअप या अनऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड APK फाइल में मालवेयर या स्पाइवेयर हो सकता है। इससे मोबाइल हैक, डेटा चोरी और बैंक फ्रॉड का रिस्क होता है। सवाल- फेक ‘वॉच एंड अर्न’ एप कौन-सी परमिशन मांगते हैं? जवाब- फेक एप कई गैरजरूरी परमिशन मांगते हैं, जैसेकि- सवाल- एक्सेसिबिलिटी परमिशन क्या है और ये खतरनाक क्यों है? जवाब- एक्सेसिबिलिटी परमिशन देने का मतलब है कि आप स्कैमर के हाथ में अपने फोन का कंट्रोल सौंप रहे हैं। इससे उसे मोबाइल की कई एक्टिविटीज को कंट्रोल और मॉनिटर करने का एक्सेस मिलता है। ये एक्सेस मिलने के बाद साइबर ठग- इसलिए यह परमिशन सबसे सेंसिटिव और खतरनाक है। सवाल- स्कैमर किन लोगों को टारगेट करते हैं? जवाब- ठग इस स्कैम में आमतौर पर उन लोगों को टारगेट करते हैं, जो जल्दी और आसान कमाई के लालच में आ जाते हैं। जैसेकि- सवाल- फेक एप्स की पहचान कैसे करें? जवाब- कुछ असामान्य संकेतों से फेक ‘वॉच एंड अर्न’ एप्स की पहचान आसानी से की जा सकती है। इसे ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या प्ले स्टोर के एप भी खतरनाक हो सकते हैं? जवाब- हां, साइबर ठग फेक एप्स को असली जैसा बनाकर प्ले स्टोर पर अपलोड कर देते हैं। इसलिए किसी भी एप को डाउनलोड करने से पहले डेवलपर का नाम, रिव्यू, डाउनलोड नंबर्स, परमिशन और अपडेट हिस्ट्री जरूर चेक करें। सवाल- फेक ‘वॉच एंड अर्न’ एप इंस्टॉल करने के क्या रिस्क हो सकते हैं? जवाब- ऐसे एप इंस्टॉल करने से मोबाइल और बैंकिंग सिक्योरिटी दोनों खतरे में पड़ सकती हैं। सभी रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- फेक अर्निंग एप सोशल मीडिया पर कैसे चलाए जाते हैं? जवाब- साइबर ठग फेक अर्निंग एप्स को सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स के जरिए शेयर करते हैं। जैसे- कई बार इन्फ्लुएंसर प्रमोशन और रेफरल स्कीम के जरिए भी इन एप्स को प्रमोट किया जाता है। सवाल- ‘वॉच एंड अर्न स्कैम’ से कैसे बचें? जवाब- इससे बचने के लिए सतर्क रहना सबसे जरूरी है। किसी भी एप को डाउनलोड करने या परमिशन देने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करें। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर गलती से फेक ‘वॉच एंड अर्न’ एप डाउनलोड हो जाए तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कार्रवाई करना जरूरी है, ताकि डेटा चोरी और बैंक फ्रॉड से बचा जा सके। ग्राफिक में देखिए क्या करें- सवाल- अगर बैंक अकाउंट से पैसे कट जाएं तो क्या करें? जवाब- ऐसे मामले में बिना देर किए तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन और बैंक को सूचना दें। जल्दी कार्रवाई करने से पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है। सवाल- ‘वॉच एंड अर्न स्कैम’ की शिकायत कहां और कैसे करें? जवाब- इसके लिए ये स्टेप्स फॉलो करें- …………………….. साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- फर्जी लोन एप से सावधान: सरकार ने जारी की फर्जी लोन एप्स की लिस्ट, डाउनलोड करते और लोन लेते हुए रहें सतर्क आप अपना फोन स्क्रॉल कर रहे हैं। अचानक एक विज्ञापन पॉप-अप हुआ। लिखा है- ‘5 मिनट में पाएं लोन।’ ऑफर इतना लुभावना है कि आप खुद को रोक नहीं पाए और उस पर क्लिक कर दिया। लेकिन जरा रुकिए, उस पर क्लिक नहीं करना है। आगे पढ़िए…



