भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयर सुविधा पोर्टल को नए रूप में ‘एयर सुविधा 2.0’ नाम से दोबारा शुरू किया है। अब यूएई सहित दुनिया के किसी भी शहर से भारत आने वाले हर अंतरराष्ट्रीय यात्री को उड़ान भरने से पहले यह ऑनलाइन हेल्थ डिक्लेरेशन फॉर्म भरना अनिवार्य होगा। यह नियम सभी यात्रियों पर लागू होता है, चाहे वे किसी भी देश के नागरिक हों या भारतीय नागरिक हों। यहां तक कि जिन यात्रियों का प्रभावित देशों से कोई पुराना इतिहास नहीं रहा है, उन्हें भी यह फॉर्म भरना जरूरी है। WHO की घोषणा के बाद एविएशन मिनिस्ट्री का फैसला वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने 17 मई 2026 को डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस के प्रकोप को ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित किया था। इसी के बाद भारत के मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज के साथ मिलकर 25 जून को एयर सुविधा 2.0 लॉन्च किया है। यह प्रोसेस बेहद छोटी है और इसे बोर्डिंग या वेब चेक-इन के समय पूरा किया जा सकता है। विदेशी यात्रियों के लिए यह ई-अराइवल कार्ड के अलावा एक एडिशनल स्टेप है, यह उसका रिप्लेसमेंट नहीं है। एयर सुविधा 2.0 फॉर्म भरने की प्रोसेस स्टेप 1: अपनी जरूरी डिटेल्स पास रखें फॉर्म भरना शुरू करने से पहले अपना पासपोर्ट और फ्लाइट या टिकट की डिटेल्स अपने पास संभालकर रखें। आपको अपना पासपोर्ट नंबर, फ्लाइट नंबर और ट्रेवल डेट दर्ज करनी होगी। स्टेप 2: ऑफिशियल पोर्टल पर जाएं इसके लिए आपको एयर सुविधा की ऑफिशियल वेबसाइट airsuvidha.civilaviation.gov.in पर जाना होगा। आप चाहें तो एयरलाइन या चेक-इन काउंटर पर दिए गए QR कोड को स्कैन करके भी सीधे फॉर्म पर पहुंच सकते हैं। स्टेप 3: ट्रैवल डिटेल्स भरें और वेरिफिकेशन करें पोर्टल पर अपनी पर्सनल और फ्लाइट से जुड़ी सारी जानकारी सही-सही भरें। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिससे आपको अपना नंबर वेरिफाई करना होगा। स्टेप 4: हेल्थ डिक्लेरेशन से जुड़े सवालों के जवाब दें आपको पिछले 21 दिनों की अपनी ट्रैवल हिस्ट्री की जानकारी देनी होगी। इसमें पूछा जाएगा कि क्या आपने डीआरसी, युगांडा या दक्षिण सूडान की यात्रा की है, या आप इबोला के संपर्क में आए हैं या आपमें इसके लक्षण हैं। यदि ऐसा नहीं है, तो ‘none of the above’ चुनें। यह स्टेप हर यात्री के लिए जरूरी है। स्टेप 5: कंफर्मेशन को संभालकर सेव करें फॉर्म सबमिट करने के बाद आपको एक कंफर्मेशन नंबर और पावती ईमेल पर मिलेगी। इसका स्क्रीनशॉट ले लें या डाउनलोड कर लें। भारत लैंड होने पर इमिग्रेशन काउंटर पर इसे दिखाना होगा, जिससे वहां आपको कोई पेपरवर्क नहीं करना पड़ेगा। यदि भारत पहुंचने के 21 दिनों के भीतर आपमें इबोला से जुड़े कोई भी लक्षण विकसित होते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। स्वास्थ्य अधिकारियों को अपनी हालिया यात्रा के बारे में पूरी जानकारी दें। अधिक जानकारी या मदद के लिए भारत के स्वास्थ्य अधिकारियों के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1075 पर कॉल कर सकते हैं या idsp-alert@nic.in पर ईमेल भेज सकते हैं। क्या है इबोला वायरस? यह एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसका हालिया प्रकोप अफ्रीका के डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो और युगांडा में देखा गया है। WHO ने इसे 17 मई 2026 को इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित किया था। जिसके बाद भारत सरकार ने सुरक्षा के तौर पर एयर सुविधा 2.0 पोर्टल की दोबारा शुरुआत की है, ताकि संक्रमण को देश में फैलने से रोका जा सके। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल में 25% एथेनॉल मिलाने का प्लान टल सकता है: अभी 20% मिलाया जा रहा; इससे माइलेज घटने का दावा, पार्ट्स खराब होने की शिकायत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने के विरोध के बीच इसकी मात्रा बढ़ाकर 25% करने की योजना को सरकार फिलहाल आगे बढ़ा सकती है। सरकार इस ट्रांजिशन को जल्दबाजी में करने के बजाय धीरे-धीरे और व्यवस्थित तरीके से लागू करना चाहती है। पूरी खबर पढ़ें…


