Hot Topics

विराग गुप्ता का कॉलम:कानून के पेशे में ही अपराधी होंगे तो न्याय कैसे मिलेगा?

Socialblize is your trusted destination for the latest news, trending stories, and insightful updates from India and around the world. We are committed to delivering fast, accurate, and unbiased news that keeps you informed every day.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने वास्तव में फर्जी डिग्रीधारियों को “कॉकरोच’ कहा था, लेकिन सोशल मीडिया से वायरल हुआ यह “कॉकरोच’ शब्द अब व्यवस्था के गले की हड्डी बन गया है। इतिहास में झांकें तो पाएंगे कि जेपी, वीपी सिंह और अण्णा हजारे के आंदोलनों के बाद सरकारें भले बदल गई हों, पर व्यवस्था नहीं बदली। नीट पेपर लीक पर अगर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हो भी जाए तो शिक्षा और परीक्षा को ठगने वाले संगठित गिरोह को आपराधिक दंड दिए बगैर सिस्टम कैसे दुरुस्त होगा? केंद्रीय गृह सचिव एनएन वोहरा की अक्टूबर 1993 में प्रस्तुत वोहरा समिति की रिपोर्ट में माफिया, राजनेताओं और नौकरशाहों के बीच की सांठगांठ (नेक्सस) पर चौंकाने वाले खुलासों से हमारे गणतंत्र की त्रासदी उजागर हुई थी। इसके तीन दशक से भी अधिक समय के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज विनोद दिवाकर के ताजा फैसले से नया रोडमैप नजर आ रहा है। यह इटावा का वह आपराधिक मामला था, जिसमें वकील और उनके परिवार भी पक्षकार थे। वकालत में अपराधियों और गैंग्स्टर्स के प्रचलन पर क्षोभ व्यक्त करते हुए जज ने कहा कि कानून का शासन दो बार मरता है- पहली बार जब वकील अपराधी बन जाते हैं और दूसरी बार जब न्यायाधीश साहस की जगह चुप्पी को चुनते हैं। न्यायिक व्यवस्था के विरोधाभासों से जुड़े 4 मुद्दों को समझना जरूरी है। 1. जजों के साथ बदतमीजी करते हुए लॉ के एक छात्र ने चीफ जस्टिस को अपशब्द कहे थे। सोशल मीडिया में बढ़ रही अभद्रता और रीलबाजी रोकने के लिए बार काउंसिल ने भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। लेकिन समस्या की जड़ें बहुत गहरी हैं। जस्टिस विक्रमनाथ की बेंच ने “गैराजों में चल रहे लॉ कॉलेजों’ पर चिंता जाहिर की है। पिछले दशक में बार काउंसिल के चेयरमैन ने कहा था कि एक तिहाई वकील फर्जी तरीके से वकालत कर रहे हैं। चीफ जस्टिस चन्द्रचूड़ की बेंच ने अप्रैल 2023 के फैसले से फर्जी डिग्री वाले वकीलों की पहचान का आदेश दिया था। 2. वकीलों की आपराधिकता से जुड़े मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने बार काउंसिल, पुलिस, प्रशासन, रजिस्ट्रार सोसायटी आदि से रिपोर्ट मांगी थी। यूपी में 5.14 लाख रजिस्टर्ड वकीलों में सिर्फ 2.49 लाख के पास वकालत के लिए सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस है। राज्य में 4157 वकीलों के खिलाफ 5056 आपराधिक मामले चल रहे हैं। 105 वकीलों की लॉ, स्नातक या हाईस्कूल की डिग्री फर्जी पाई गई है। 3. 1975 में जस्टिस कृष्णा अय्यर की 7 जजों की बेंच ने कहा था कि वकील न्याय के रक्षक हैं और उन्हें व्यापारियों के निजी गिल्ड की तरह बर्ताव नहीं करना चाहिए। वकील पर आपराधिक मामला चल रहा हो तो उसके जज बनने में मुश्किल हो सकती है। हाईकोर्ट जज के अनुसार वकीलों को भी रजिस्ट्रेशन के समय चरित्र प्रमाण पत्र के साथ आपराधिक मुकदमों का ब्योरा देना चाहिए। अपराधियों को बाहर करने से योग्य वकीलों को बढ़ावा मिलने के साथ ही अदालतों की गरिमा भी बढ़ेगी। इसके लिए देश में सभी बार संघों की जवाबदेही तय करने के लिए जज ने आदेश दिया है। 4. अवमानना के मामले में जेल भेजे गए एक यू-ट्यूबर ने अदालतों की कार्रवाई का लिखित ब्योरा दर्ज करने की मांग की है। सिर्फ इस एक कदम से फर्जी वकीलों पर रोक, भ्रष्टाचार में कमी के साथ जनता को जल्द और सही न्याय मिल सकता है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस नरसिम्हा की बेंच ने भी बार काउंसिल को आदेश दिया है कि वकीलों की अनुशासन-व्यवस्था का व्यापक ऑडिट करें। हाईकोर्ट जज ने भी सोसायटी एक्ट के अनुसार बार एसोसिएशंस में पारदर्शिता और जवाबदेही की बात कही है। यूपी में 5.14 लाख रजिस्टर्ड वकीलों में सिर्फ 2.49 लाख के पास वकालत के लिए सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस है। राज्य में 4157 वकीलों के खिलाफ 5056 आपराधिक मामले चल रहे हैं। 105 वकीलों की लॉ, स्नातक या हाईस्कूल की डिग्री फर्जी पाई गई है।
(ये लेखक के अपने विचार हैं)

Tags :

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

About Us

Socialblize is your trusted destination for the latest news, trending stories, and insightful updates from India and around the world. We are committed to delivering fast, accurate, and unbiased news that keeps you informed every day.

Email Us: info@socialblize.com

Contact: +91-7976784661

Socialblize @2026. All Rights Reserved.