वैभव सूर्यवंशी के बाद समस्तीपुर से एक नए खिलाड़ी का उदय हुआ है। विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) के लिए बिहार की नूतन सिंह का ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के ट्रायल के लिए चयन हुआ है। नूतन बिहार से पहली महिला क्रिकेटर हैं, जो ट्रायल के लिए WPL में गई थी। नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है, जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। यहां तक की नूतन ने वैभव के साथ भी प्रैक्टिस की है और उनके बॉल पर वैभव चौके-छक्के लगाए करते थे। नूतन ब्रेट ली और डेल स्टेन को अपना आइडल मानती है और उनका सपना हरमनप्रीत कौर को आउट करना है। नूतन सिंह ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत की… ‘यूपी वॉरियर्ज’ टीम के लिए नूतन सिंह ने ट्रायल दिया नूतन ने 11 अगस्त से 14 अगस्त तक बेंगलुरु में आयोजित हुए ट्रायल में हिस्सा लिया था। अपने अनुभव को साझा करते हुए नूतन ने कहा, ‘काफी अच्छा एक्सपीरियंस रहा। इस WPL प्लेटफार्म से हमें आगे इंडिया टीम में खेलने का भी मौका मिलेगा। यूपी वॉरियर्ज टीम से कोच और सीनियर खिलाड़ी मौजूद थे। सभी ने ट्रायल के दौरान मदद की और मार्गदर्शन भी दिया।’ CSK के मैच जीतने के बाद क्रिकेट को जानने का आया जुनून क्रिकेट को अपने पैशन के रूप में चुनने पर नूतन ने बताया कि उनके परिवार में उनके पिता को क्रिकेट काफी पसंद था और सभी लोग मिलकर मैच देखते थे। खासकर IPL में चेन्नई सुपर किंग्स के सभी फैन थे। एक साथ मिलकर टीवी पर मैच देखा करते थे। नूतन बताती हैं, ‘2018 में जब CSK ने फाइनल मैच जीता, तब मेरे मन में क्रिकेट को और जानने की इच्छा जागी। 2020 में कोविड के दौरान मैंने अकादमी में एडमिशन लिया और क्रिकेट खेलना शुरू किया था।’ जब नूतन ने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया तो उनके माता-पिता ने भी उनका सपोर्ट किया। वैभव सूर्यवंशी के कोच से नूतन ने ली ट्रेनिंग नूतन ने उसी कोच और अकादमी में ट्रेनिंग ली है जहां से वैभव सूर्यवंशी खेला करते थे। समस्तीपुर क्रिकेट अकादमी में कोच ब्रजेश के अंडर उन्होंने 2 साल तक बॉलिंग की ट्रेनिंग ली। यहीं से उन्होंने पहली बार अंडर-19 भी खेला था। उसके बाद पटना के Gen X अकादमी में कोच अशोक से उन्होंने ट्रेनिंग ली। नूतन के बॉल पर वैभव सूर्यवंशी मारते थे चौके-छक्के नूतन ने आगे बताया कि जब वह अकादमी में ट्रेनिंग के लिए गई थी तो वहां पर पहले से ही वैभव सूर्यवंशी प्रैक्टिस कर रहे थे। यहां तक की दोनों ने साथ में कई बार प्रैक्टिस भी की और कई मैच भी खेले।
क्रिकेट चुनने में माता-पिता का बहुत बड़ा रोल नूतन के माता-पिता दोनों मेडिकल लाइन में है। तीन बहनों में वह मंझली है। यहां तक पहुंचने की जर्नी को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे माता-पिता का मेरे क्रिकेट करियर में बहुत बड़ा रोल रहा है। नूतन ने बताया, ‘मेरे पैरेट्स ने सबसे ज्यादा मुझ पर खर्च किया है। मेरे किट, जूते में काफी पैसे खर्च होते हैं, लेकिन वे मेरी हर जरूरत की चीज को पूरा करते हैं। वे मुझे बताते भी नहीं है कि चीजें कहां से आई, कैसे मैनेज किया। उनका यही कहना है कि मुझे किसी भी चीज की कमी नहीं होनी चाहिए।’ नूतन कहती हैं, ‘मैं दिन-रात मेहनत कर रही हूं, ताकि टीम इंडिया तक जाऊं। अपने परिवार और बिहार का नाम रोशन करूं।’

