संसद में अब भाषा का लहजा भी बदल गया है. आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z की ‘सीक्रेट भाषा’ और कोड वर्ड्स सीधे सदन में गूंजने लगे हैं. बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने बहस के दौरान Gen Z की रोजमर्रा की बोलचाल वाले शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय ‘पॉलिसी वैक्यूम’ था, लेकिन ‘मोदी जी ने उसे ब्लॉक किया और लेजिस्लेटिव सॉल्यूशन दिया’. संसद में पहली बार ‘सिस्टम ब्लॉक्ड’, ‘सिस्टम रिबूट’, ‘सिस्टम रिसेट’ जैसे शब्द सुनाई दिए. एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान भाजपा प्रवक्ताओं ने बताया कि युवाओं के लिए आज परीक्षा प्रणाली सिर्फ एक ‘ग्लिच’ है, राजनीति ‘पीआर ड्रामा’ है और उनका गुस्सा ‘नो कैप’ है. इन्हीं कोड वर्ड्स के जरिए पूरे पेपर लीक आंदोलन में रील्स, मीम्स और वीडियो वायरल हुए. बहस में कहा गया कि अब लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में औपचारिक भाषा की जगह युवाओं को उनकी ही भाषा में समझाने की कोशिश हो रही है. सांसदों का तर्क था कि जब तक आप नए-नए वीडियो नहीं बनाएंगे, तब तक युवाओं तक बात नहीं पहुंचेगी. सदन में गूंजे इन कोड वर्ड्स को अब ‘डिकोड’ करने का वक्त है, क्योंकि यही भाषा आज की जनरेशन को सरकार से जोड़ रही है.

