वेस्टइंडीज ने न्यूजीलैंड को पहले वनडे में 7 विकेट से हराकर 3 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। गयाना में खेले गए इस मैच में 268 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए वेस्टइंडीज ने 48.5 ओवर में 3 विकेट खोकर मैच जीत लिया। कीसी कार्टी ने 95 रन बनाए, जबकि कप्तान शाई होप 54 रन बनाकर नाबाद रहे। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 131 रन की मैच जिताऊ साझेदारी की। जीत के हीरो 19 साल के डेब्यूटेंट लेफ्ट आर्म रिस्ट स्पिनर विटैल लॉयस रहे, जिन्होंने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में 3 विकेट झटके। इससे पहले टॉस हार कर पहले बल्लेबाजी करने वाली न्यूजीलैंड टीम ने सभी विकेट खोकर 267 रन बनाए। 19 साल के लॉयस ने डेब्यू मैच में पलटा मुकाबला न्यूजीलैंड की टीम 44वें ओवर में 4 विकेट पर 234 रन बनाकर बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी, लेकिन विटैल लॉयस और अल्जारी जोसेफ ने आखिरी ओवरों में मैच पलट दिया। न्यूजीलैंड ने अपने अंतिम 6 विकेट सिर्फ 33 रन के भीतर गंवा दिए। लॉयस ने हेनरी निकोल्स (37), मार्क चैपमैन और माइकल ब्रेसवेल को आउट किया, जबकि अल्जारी जोसेफ ने 41 रन देकर 4 विकेट लिए। कार्टी के हिट-विकेट पर हुआ विवाद वेस्टइंडीज की पारी के 34वें ओवर में कीसी कार्टी 64 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। जैकब डफी की गेंद पर छक्का लगाने के बाद उनका बल्ला पीछे जाकर स्टंप्स से टकरा गया और बेल्स गिर गईं। न्यूजीलैंड ने हिट-विकेट की अपील की, लेकिन थर्ड अंपायर अहसान रजा ने रिप्ले देखने के बाद उन्हें नॉट आउट दिया। क्या कहता है नियम? एमसीसी के लॉ 35.2 (हिट-विकेट) के अनुसार यदि बल्लेबाज शॉट खेलने की प्रक्रिया पूरी कर चुका हो और उसके बाद बल्ला, शरीर या कपड़ा विकेट से टकराए, तो उसे हिट-विकेट आउट नहीं माना जाता। इसी नियम के तहत कार्टी को जीवनदान मिला। होप-कार्टी ने संभाली पारी शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद कीसी कार्टी और अकीम ऑगस्टे (28) ने पारी संभाली। इसके बाद कप्तान शाई होप ने कार्टी के साथ तीसरे विकेट के लिए 131 रन जोड़कर मैच न्यूजीलैंड से दूर कर दिया। कार्टी 95 रन बनाकर शतक से चूक गए। उन्होंने 5 चौके और 2 छक्के लगाए। रदरफोर्ड ने छक्के से दिलाई जीत कार्टी के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज को अंतिम 30 गेंदों में 37 रन चाहिए थे। कप्तान होप ने लगातार बड़े शॉट लगाकर दबाव खत्म किया और 52 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। आखिर में शेरफेन रदरफोर्ड ने लंबा छक्का लगाकर 7 गेंद शेष रहते टीम को जीत दिला दी। यह गयाना के इस मैदान पर सफलतापूर्वक हासिल किया गया दूसरा सबसे बड़ा लक्ष्य भी है।

