नोएल टाटा इस साल नवंबर में 70 साल की उम्र पूरी होने के बाद वोल्टास के चेयरमैन पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने मंगलवार को कंपनी की 72वीं सालाना जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरहोल्डर्स को खुद इसकी जानकारी दी। शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए वोल्टास के चेयरमैन नोएल टाटा ने कहा कि जैसा कि आप सभी को शायद पता ही होगा, चेयरमैन के रूप में यह मेरी आखिरी सालाना जनरल मीटिंग है। टाटा ग्रुप की पॉलिसी के कारण फैसला, ट्रेंट से भी हटे नोएल टाटा इसी साल नवंबर में 70 साल के होने जा रहे हैं। टाटा ग्रुप की कॉर्पोरेट गवर्नेंस पॉलिसी के अनुसार, सभी एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 65 साल की उम्र में और नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स 70 साल की उम्र में रिटायर हो जाते हैं। इसी पॉलिसी के तहत नोएल टाटा ने पिछले हफ्ते ही टाटा ग्रुप की रिटेल शाखा ट्रेंट के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दे दिया था। नोएल टाटा ने 2017 में संभाली थी वोल्टास की कमान नोएल टाटा ने साल 2017 में वोल्टास के चेयरमैन का पद संभाला था। वोल्टास के अलावा वे इस साल के आखिरी तक टाटा ग्रुप की कई अन्य बड़ी कंपनियों के बोर्ड से भी रिटायर होने वाले हैं। इन कंपनियों में टाइटन, टाटा इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन, टाटा स्टील और टाटा इंटरनेशनल शामिल हैं, जहां से वे इस साल के आखिरी तक हट जाएंगे। वोल्टास ने पहली तिमाही में बेचे 10 लाख से ज्यादा AC वोल्टास ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) के पहले तीन महीनों के भीतर ही 10 लाख से ज्यादा एयर-कंडीशनर बेचने का रिकॉर्ड बनाया है। कंपनी की इस मजबूत सेल को इस साल पड़ी भीषण गर्मी और वोल्टास के बड़े डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क से काफी मदद मिली है। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडस्ट्री में बड़ी ग्रोथ की उम्मीद देश के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स उद्योग के बारे में बात करते हुए नोएल टाटा ने कहा कि इस सेक्टर के भारतीय अर्थव्यवस्था में सबसे तेजी से बढ़ने वाले सेगमेंट में से एक बनकर उभरने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि देश में बड़े और तेजी से बढ़ते मिडिल क्लास, लोगों की बढ़ती डिस्पोजेबल इनकम और सेमी-अर्बन व ग्रामीण बाजारों में बढ़ती पैठ से इस सेक्टर को मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। 2030 तक 2.5 लाख करोड़ का होगा व्हाइट गुड्स सेगमेंट नोएल टाटा ने आगे जोड़ा कि सस्टेनेबिलिटी, डिजिटलाइजेशन और रीजनल सप्लाई चेन रीअलाइनमेंट की तरफ हो रहे स्ट्रक्चरल बदलावों के कारण इस सेक्टर में काफी बेहतरीन लॉन्ग-टर्म पोटेंशियल मौजूद है। प्रोजेक्शन के अनुसार, यह पूरी इंडस्ट्री 11% के कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़कर वित्त वर्ष 2028-29 (FY29) तक 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकती है। वहीं, इस इंडस्ट्री का व्हाइट गुड्स सेगमेंट साल 2030 तक 2.5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। वैश्विक चुनौतियों का बिजनेस सेंटीमेंट पर असर व्हाइट गुड्स क्या होते हैं व्हाइट गुड्स में भारी घरेलू उपकरण जैसे एसी, फ्रिज और वाशिंग मशीन शामिल होते हैं, जिन्हें पारंपरिक रूप से सफेद रंग में बनाया जाता था। कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट यह निवेश या इंडस्ट्री की सालाना औसत ग्रोथ को मापने का तरीका है, जिससे लॉन्ग-टर्म डेवलपमेंट का सटीक पता चलता है। ये खबर भी पढ़ें… ग्रीस में शुरू हुई भारत की UPI सर्विस: अब दुनिया के 10 देशों में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे भारतीय; पीयूष गोयल की मौजूदगी में लाइव डेमो हुआ भारत का यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब ग्रीस में भी लाइव हो गया है। ग्रीस इस डिजिटल पेमेंट नेटवर्क से जुड़ने वाला नया देश बन गया है। एथेंस में यूरोबैंक के हेडक्वार्टर में यूरोबैंक और NPCI इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड की पार्टनरशिप से शुरू हुई इस सर्विस का लाइव डेमो भी देखा गया। पूरी खबर पढ़ें…




