मानसून की बारिश के साथ नागालैंड का सबसे व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग NH-29 एक बार फिर खतरे की जद में आ गया है. चुमुकेदिमा से किकिडोलोंग तक का इलाका लगातार भूस्खलन की घटनाओं के कारण लोगों के लिए डर का पर्याय बन चुका है. चाथे नदी और पकाला पहाड़ के आसपास का क्षेत्र पिछले एक दशक से लैंडस्लाइड का केंद्र बना हुआ है, जहां 2017 से अब तक कई बड़े हादसे हो चुके हैं. भारी बारिश के दौरान इस मार्ग पर यात्रा करना किसी जोखिम से कम नहीं होता. स्थानीय लोग अब इस इलाके को नागालैंड का ‘डेथ ज़ोन’ कहने लगे हैं. आखिर क्यों हर मानसून में यह हाईवे लोगों की चिंता बढ़ा देता है? कितने खतरनाक हैं यहां के हालात और क्या है प्रशासन की तैयारी? देखिए इस रिपोर्ट में.

