जुलाई महीने में 2.11 लाख करोड़ रुपए GST कलेक्शन हुआ। ये पिछले साल यानी जुलाई 2025 से 15.4% ज्यादा है। पिछले साल जुलाई 2025 में GST कलेक्शन 1.83 लाख करोड़ रुपए था। अप्रैल-जुलाई के दौरान कलेक्शन का हाल चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों (अप्रैल-जुलाई 2026) के दौरान GST कलेक्शन 10.1% बढ़कर 8.4 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 7.6 लाख करोड़ रुपए था। इस दौरान GST कलेक्शन 9.2% बढ़कर 7.21 लाख करोड़ रुपए रहा, जो पिछले साल 6.61 लाख करोड़ रुपए था। राज्यों के आंकड़ों में अंतर प्रमुख राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र का जीएसटी राजस्व 13% बढ़कर 32,210 करोड़ रुपए रहा। गुजरात में 19% की वृद्धि के साथ 12,923 करोड़ रुपए, कर्नाटक में 12% की वृद्धि के साथ 13,854 करोड़ रुपए, तेलंगाना में 19% की वृद्धि के साथ 5,819 करोड़ रुपए और उत्तर प्रदेश में 15% की वृद्धि के साथ 9,651 करोड़ रुपए का कलेक्शन हुआ। वहीं, कुछ राज्यों में गिरावट भी देखी गई। तमिलनाडु का जीएसटी राजस्व 1%, आंध्र प्रदेश का 5% और मध्य प्रदेश का 10% घटा है। सिक्किम में 59%, हिमाचल प्रदेश में 22% और उत्तराखंड में 18% की गिरावट दर्ज की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये आंकड़े अनंतिम हैं और अंतिम रूप दिए जाने पर इनमें मामूली बदलाव हो सकता है। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:

