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जापान की मशहूर गेमिंग कंपनी:घाटा हुआ तो कोर बिजनेस बेचा; अब प्रतिद्वंद्वी को ही सॉफ्टवेयर बेचती है गेमिंग कंपनी सेगा

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1993, हार्वर्ड के कुछ वैज्ञानिकों ने मानव भ्रूण के विकास के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण जीन की खोज की और नाम रखा ‘सोनिक हेजगॉग’। यह नाम सेगा कॉमिक बुक के कैरेक्टर ‘सोनिक’ पर रखा गया था। यह वही जापानी गेम है, जिसकी 2024 तक 177 करोड़ से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। गेमिंग सॉफ्टवेयर के मामले में सेगा आज दुनिया की शीर्ष कंपनियों में शामिल है, लेकिन 1997 से 2001 के बीच एक ऐसा दौर भी आया जब सेगा का वजूद ही खत्म होने की कगार पर आ गया था। सेगा का कंसोल ‘सैटर्न’ सोनी के प्लेस्टेशन के सामने बुरी तरह पिट चुका था। फिर सेगा ने 1998 में पूरी ताकत झोंककर एक क्रांतिकारी कंसोल ‘सेगा ड्रीमकास्ट’ लॉन्च किया। यह दुनिया का पहला कंसोल था, जिसमें इंटरनेट और ऑनलाइन गेमिंग के लिए इन-बिल्ट मोडेम था, लेकिन साल 2000 में सोनी ने इन-बिल्ट डीवीडी प्लेयर के साथ ‘प्लेस्टेशन-2’ की घोषणा कर दी। इसने ड्रीमकास्ट के बाजार को पूरी तरह खत्म कर दिया। कंपनी पांच वर्षों तक भारी घाटे में डूबी रही। स्थिति इतनी बदतर हो गई कि जनवरी 2001 में सेगा को घोषणा करनी पड़ी कि वह गेमिंग हार्डवेयर (कंसोल) बनाने का काम हमेशा के लिए बंद कर रही हैं। कंपनी ने गेमिंग सॉफ्टवेयर बनाने शुरू किए। वर्तमान स्थिति- करीब 30 हजार करोड़ रु. की कंपनी है सेगा सेगा वर्तमान में करीब 30 हजार करोड़ रुपए की कंपनी है। सेगा ने 2023 में फिनलैंड की एंग्री बर्ड्स बनाने वाली कंपनी रोवियो का करीब 7 हजार करोड़ रुपए में अधिग्रहण किया, जिससे मोबाइल गेमिंग सेगमेंट में उसकी पकड़ मजबूत हुई। कंपनी अमेरिका और यूरोप में क्षेत्रीय मुख्यालयों-सेगा ऑफ अमेरिका और सेगा-यूरोप के जरिए अपना व्यापार चलाती है। कंपनी ने एनएसई में सूचीबद्ध कंपनी प्रमारा प्रमोशंस के साथ भारत में रणनीतिक साझेदारी की है। इसके तहत क्रेयान शिनचैन सहित सेगा के लाइसेंस्ड कैरेक्टर अब भारत में भी बनाए जांएगे। यूं संकट में फंसी थी… अनावश्यक प्रयोग – सफल कंसोल ‘सेगा जेनेसिस’ के बाद सेगा सीडी और 32एक्स जैसे महंगे पर कम गुणवत्ता वाले पेरिफेरल्स लॉन्च किए। इससे गेम डेवलपर्स नाराज हो गए। आम ग्राहक भी भ्रमित हुए। सैटर्न कंसोल का विनाशकारी लॉन्च – 1995 में कंसोल ‘सेगा सैटर्न’ को अचानक लॉन्च किया। रिटेलर्स के पास स्टॉक नहीं था। तभी सोनी ने प्लेस्टेशन की कीमत सेगा से 100 डॉलर कम कर दी। सोनी प्लेस्टेशन-2 की सुनामी भांपने में नाकामी – सोनी ने प्लेस्टेशन 2 में डीवीडी प्लेयर की सुविधा भी दी थी। ग्राहकों ने सेगा का ड्रीमकास्ट खरीदने के बजाय प्लेस्टेशन 2 को वरीयता दी। भयंकर वित्तीय घाटा और नकदी संकट – कंपनी को हर महीने करोड़ों डॉलर का नुकसान हो रहा था। कर्ज इतना हो गया कि दिवालिया होना तय माना जा रहा था। इस तरह की वापसी… प्योर सॉफ्टवेयर पब्लिशर मॉडल में बदलाव – सेगा ने खुद को एक थर्ड-पार्टी सॉफ्टवेयर पब्लिशर के रूप में स्थापित किया। इसका फायदा यह हुआ कि अब वह गेम्स को पूर्व प्रतिद्वंद्वियों के प्लेटफॉर्म पर बेचने लगी। सेगा-सैमी का ऐतिहासिक विलय – 2004 में सेगा ने जापानी गेमिंग और पैचिनको जायंट ‘सैमी कॉर्पोरेशन’ के साथ मर्जर कर लिया। सैमी के पास नकदी का भारी भंडार था। इसने कर्ज के बोझ को खत्म कर दिया। चेयरमैन ओकावा का बलिदान – जब 2001 में सेगा डूब रही थी, तब तत्कालीन चेयरमैन इसाओ ओकावा ने कंपनी को दिया गया करीब 3200 करोड़ रु. का व्यक्तिगत कर्ज माफ कर दिया। शेयर दान कर दिए। ग्लोबल स्टूडियोज का अधिग्रहण – सेगा ने केवल ‘सोनिक’ पर निर्भर रहने के बजाय दुनिया भर के बेहतरीन गेमिंग स्टूडियोज को खरीदा। पहुंच बढ़ाई। शुरुआत – अमेरिकी व्यवसायियों ने रखी थी इस गेमिंग कंपनी की नींव 1940 में होनोलूलू, अमेरिका में 3 अमेरिकी व्यवसायियों-मार्टिन ब्रोमली, इरविंग ब्रॉम्बर्ग और जेम्स हम्पर्ट ने ‘स्टैंडर्ड गेम्स’ के रूप में नींव रखी। उद्देश्य अमेरिकी सैनिकों के मनोरंजन के लिए सिक्कों से चलने वाली स्लॉट मशीनें उपलब्ध कराना था। 1951 में, जब इन मशीनों पर पाबंदी लगी तो संस्थापकों ने बिजनेस टोक्यो शिफ्ट कर दिया। विरासत – पारंपरिक प्रीमियम कंसोल को ही बढ़ाने की तैयारी कंपनी का पूरा फोकस पारंपरिक प्रीमियम कंसोल को ही आगे बढ़ाने पर है। इसी के तहत मई 2026 में सेगा ने बहुप्रतीक्षित एक अरब डॉलर की ‘सुपर गेम’ परियोजना को रद्द कर दिया है। साथ ही प्रीमियम कंसोल-पीसी गेम्स पर फोकस लौटाने का ऐलान किया है। वित्त वर्ष 2026-27 में 30 हजार करोड़ रु. से अधिक की बिक्री का अनुमान है। ऐसे पड़ा नाम – जापान पहुंचने पर इसका नाम servic games of Japan पड़ा। फिर सर्विस और गेम्स के दो-दो शब्द मिलाकर नाम SEGA कर दिया गया। सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी – गेमिंग इतिहास में इसका सबसे बड़ा प्रतिद्वंद्वी निनटेंडो रहा है। सोनी के प्ले स्टेशन ने भी सेगा सैटर्न और ड्रीमकास्ट को बाजार से बाहर किया।

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