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एन. रघुरामन का कॉलम:सफाई से जुड़ी कुछ गलतियों में सुधार करना आसान है

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हममें से कितने लोग सचमुच जानते हैं कि जिन चीजों का इस्तेमाल हम दूसरी वस्तुओं की सफाई के लिए करते हैं, उन्हें भी सफाई की जरूरत होती है? मसलन, हम सोफे को वैक्यूम क्लीन करते हैं, कपड़े वॉशिंग मशीन में धोते हैं और ब्रश से टॉयलेट साफ करते हैं। लेकिन कितनी बार आपने इन चीजों को साफ किया था? सोच रहे हैं कि वॉशिंग मशीन कैसे साफ करें? तो बताता हूं कि मैं क्या करता हूं। दो महीने में एक बार, यानी तकरीबन 20 बार वॉशिंग मशीन के इस्तेमाल के बाद मैं फर्श पर बैठता हूं, फुली ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन के दाएं कोने में लगे छोटे ढक्कन को किसी चाबी से खोलता हूं, छेद में फंसी गंदगी निकालने के लिए प्लास्टिक नॉब को एंटी-क्लॉकवाइज घुमाता हूं। इससे न सिर्फ गंदा पानी निकलता है, बल्कि कई बार मुझे सिक्के भी मिलते हैं, जिन्हें मैं पैंट से निकालना भूल गया था। वर्षों पहले यह सीक्रेट मुझे मेरे सर्विस वाले ने तब बताया, जब मैंने पानी रिसने की शिकायत की और वह मेरे घर नहीं आना चाहता था। इसके बाद मैं मशीन में थोड़ा डिटर्जेंट डालकर बिना कपड़ों के 30 मिनट के लिए चला देता हूं। सफाई से जुड़ी गलतियां कई तरह की होती हैं और कुछ ज्यादा गंभीर भी होती हैं। ज्यादातर मामलों में इन गलतियों से चीजें उतनी साफ नहीं छूटतीं, जितना हम चाहते हैं। इससे घर की एयर क्वालिटी प्रभावित होती है, या ऐसे अवशेष छूट जाते हैं जिनमें धूल फंस सकती है। जैसे, लॉन्ड्री डिटर्जेंट से फर्श पर पोंछा लगाना। यह मुझे तब पता चला, जब मैंने हाल ही अपने घर के लिए खरीदी झाड़ू-पोंछा करने वाली मशीन ‘रूम्बा’ के बारे में पढ़ा। ‘रूम्बा’ के काम शुरू करने से पहले मैंने फर्श पर डिटर्जेंट का घोल छिड़का तो देखा कि यह ऐसे अवशेष छोड़ जाता है, जिनमें गंदगी आकर चिपक जाती है। इस गंदगी से मार्बल फ्लोर फीका दिखने लगता है। मुझे यकीन है कि हममें से कई लोग टेबल या शोकेस पर कोई क्लीनिंग लिक्विड स्प्रे करते हैं और इसे सुखाने के लिए मेलामाइन फोम स्पंज फेर देते हैं। यह बिल्कुल गलत है। पहले स्पंज को गीला करना चाहिए और क्लीनिंग लिक्विड को साफ करने वाली जगह पर नहीं, बल्कि स्पंज पर स्प्रे करना चाहिए। मुझे यह तब पता चला जब मेरे शो-केस की सनमाइका शीट की चमक कम होने लगी, क्योंकि मेरी हाउस-हेल्प हमेशा क्लीनिंग लिक्विड को सख्त सतह पर स्प्रे करके स्पंज फेरकर उसे सुखा देती थी। बहुत से लोगों को लगता है कि ज्यादा क्लीनिंग एजेंट इस्तेमाल करने से चीजें ज्यादा साफ होंगी। लेकिन सच इसका उलटा है। स्प्रे, फोम से लेकर पेस्ट और पाउडर तक, किसी भी क्लीनर को ज्यादा लगाने का उल्टा असर होता है। सतह पहले से ज्यादा गंदी हो जाती है। यह बात दो कारणें से सही है। 1. क्लीनिंग एजेंट हटाने में आपको जरूरत से ज्यादा समय देना पड़ेगा। 2. इतना धोने-पोंछने के बाद भी सतह पर एक परत रह सकती है, जिस पर धूल-गंदगी चिपकेगी। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो क्लीनिंग एजेंट्स को मिलाने की सलाह देते हैं। लेकिन अगर आपको उनके साइंटिफिक रिएक्शन नहीं पता तो आप दोनों एजेंट्स को बेअसर कर देंगे। मसलन, बेकिंग सोडा और सिरका (विनेगर) मिलाने पर आपके पास केवल नमक का पानी बचेगा और इससे ज्यादातर चीजें साफ नहीं हो सकतीं। हालांकि इसकी तेज बबलिंग देख कर लगता है कि यह डीप-क्लीन कर रहा है, लेकिन असल में यह दोनों इन्ग्रेडिएंट्स के फायदेमंद गुण खत्म कर देता है। इसी तरह सिरका और डिटर्जेंट को मिलाना भी सही नहीं। सिरके का एसिड डिटर्जेंट के पीएच वैल्यू को बदल सकता है, जो उसके गाढ़ेपन में बदलाव लाकर उसे कम प्रभावी बना देगा। फंडा यह है कि थोड़ी-सी वैज्ञानिक जानकारी के साथ सफाई से जुड़ी आम लेकिन गलत आदतें सुधारी जा सकती हैं। इससे आपका घर ज्यादा साफ रहेगा और आप बड़े नुकसान से भी बचेंगे।

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