सियासत में बृजभूषण शरण सिंह को अक्सर “सियासी पहलवान” कहा जाता है. उत्तर प्रदेश के बड़े बाहुबली नेताओं में उनकी गिनती होती है. बाहुबली छवि के कारण उन पर समय-समय पर कई आरोप भी लगते रहे हैं. हालांकि, उनका राजनीतिक महत्व किसी एक सीट या जिले तक सीमित नहीं है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे प्रभावशाली नेताओं में बृजभूषण शरण सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जाता है. पिछले तीन दशकों में उन्होंने देवीपाटन मंडल और आसपास के इलाकों में मजबूत राजनीतिक नेटवर्क खड़ा किया है. माना जाता है कि गोंडा समेत आसपास की करीब 25 विधानसभा सीटों पर उनका सीधा प्रभाव है. 2007 के विधानसभा चुनाव में बृजभूषण शरण सिंह और बीजेपी के रिश्ते अच्छे नहीं रहे थे. उस चुनाव में क्षेत्र की 25 सीटों में से बीजेपी को केवल 3 सीटों पर ही जीत मिली थी. इसके बाद 2012 के विधानसभा चुनाव तक बृजभूषण शरण सिंह समाजवादी पार्टी (सपा) में शामिल हो चुके थे, जिससे क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिला.

