इंदौर के सारांश जैन ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट टीम में डेब्यू कर लिया है। श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे टेस्ट मुकाबले में उन्हें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग-11 में शामिल किया गया है। इसके साथ ही सारांश के अंतरराष्ट्रीय टेस्ट करियर की शुरुआत हो गई। सारांश को टीम में शामिल किए जाने से इंदौर के क्रिकेट जगत में उत्साह का माहौल है। घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने वाले सारांश को अब टेस्ट क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है। टेस्ट मैच के लिए घोषित भारतीय प्लेइंग-11 में सारांश जैन को जगह दी गई है। वह कुलदीप यादव की जगह टीम का हिस्सा बने हैं। टीम में शामिल होने के साथ ही सारांश ने अपने करियर का नया अध्याय शुरू किया है। घरेलू क्रिकेट में बनाया मजबूत आधार सारांश ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। गेंदबाजी के साथ उपयोगी बल्लेबाजी करने की क्षमता के कारण उन्हें टीम के लिए उपयोगी ऑलराउंड विकल्प माना जाता है। अब टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू के साथ इंदौर के इस क्रिकेटर के सामने खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साबित करने का मौका है। शहर के क्रिकेट प्रशंसकों की नजरें उनके प्रदर्शन पर रहेंगी। ये खबर भी पढ़ें… ऑस्ट्रेलिया दौरे पर था बेटा, इधर पिता को हुआ कैंसर क्रिकेटर बनने का सपना हर खिलाड़ी देखता है, लेकिन इंदौर के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन का टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर केवल मेहनत का नहीं, बल्कि भावनाओं, संघर्ष और पिता के हौसले का भी है। जब सारांश का चयन मध्यप्रदेश टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए हुआ, उसी दौरान उनके पिता को मुंह के कैंसर का पता चला। परिवार ने पिता की इच्छा पर यह बात सारांश से छिपाए रखी, ताकि उनका ध्यान क्रिकेट से न भटके।पूरी खबर पढ़ें

