हर निवेशक चाहता है कि उसका पैसा समय के साथ दोगुना, तीन गुना या चार गुना हो जाए। इसके लिए कुछ लोग जल्दबाजी में बिना प्लानिंग के निवेश शुरू कर देते हैं। इसकी एक वजह यह भी है कि उन्हें अलग-अलग जगहों से अलग-अलग सलाह मिलती है। कोई SIP को बेहतर बताता है, तो कोई शेयर बाजार में पैसा लगाने या गोल्ड में निवेश करने की सलाह देता है। ऐसे में सही फैसला लेना आसान नहीं होता। हालांकि निवेश के कुछ ऐसे नियम हैं, जिन्हें फॉलो करके आप अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। इसलिए आज ‘आपका पैसा’ में निवेश के 7 आसान नियमों की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- कुशाग्र मोहन, फाइनेंशियल एक्सपर्ट, को-फाउंडर, निक्सेपा कैपिटल, लखनऊ सवाल- क्या निवेश का कोई नियम होता है? एक्सपर्ट इस पर क्या कहते हैं? जवाब- फाइनेंशियल एक्सपर्ट कुशाग्र मोहन के मुताबिक, निवेश को आसान बनाने के लिए 7 ‘रूल ऑफ थंब’ हैं। इनसे यह समझने में मदद मिलती है कि- ये नियम निवेश की शुरुआत करने वालों के लिए एक आसान गाइड हैं। ध्यान रहे, हर निवेशक की इनकम, उम्र, फाइनेंशियल गोल और रिस्क लेने की क्षमता अलग होती है। इसलिए निवेश का कोई एक नियम हर व्यक्ति पर लागू नहीं होता है। सवाल- निवेश के 7 पॉपुलर नियम क्या हैं? जवाब- निवेश के 7 नियम अलग-अलग पहलुओं पर आधारित हैं। कुछ नियम निवेश की संभावित ग्रोथ का अनुमान लगाने में मदद करते हैं। जबकि कुछ सेविंग्स, बजट, रिस्क और इमरजेंसी फंड की योजना बनाने पर फोकस करते हैं। ग्राफिक में निवेश के 7 नियम देखिए- अब निवेश के इन सातों नियमों को विस्तार से समझिए- रूल ऑफ 72 इसको ऐसे समझिए- फायदा रूल ऑफ 72 की सीमाएं रूल ऑफ 114 इसको ऐसे समझिए- ध्यान रखें- यह भी ‘रूल ऑफ 72’ की तरह सिर्फ अनुमान है। इसके फायदे और सीमाएं भी लगभग वही हैं। रूल ऑफ 144 उदाहरण ध्यान रखें- यह नियम भी अनुमान पर आधारित है। वास्तविक रिटर्न बाजार और निवेश के परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है। 50-30-20 रूल यह नियम कमाई को तीन हिस्सों में बांटने की सलाह देता है। उदाहरण अगर आपकी मंथली इनकम ₹50,000 है तो- ₹25,000 जरूरी खर्च ₹15,000 अन्य खर्च ₹10,000 बचत और निवेश फायदा ध्यान रखें- आय और जरूरतों के हिसाब से इस अनुपात में बदलाव किया जा सकता है। मिनिमम 10% इन्वेस्टमेंट रूल फायदा ध्यान रखें- 10% न्यूनतम सिर्फ सुझाव है। आय बढ़ने पर निवेश की राशि भी बढ़ानी चाहिए। 100 माइनस एज रूल जैसे- अगर आपकी उम्र 30 साल है- 100-30= 70 यानी कुल निवेश का करीब 70% इक्विटी और 30% सेफ ऑप्शन्स में रखना चाहिए। फायदे इमरजेंसी फंड रूल उदाहरण के लिए अगर आपका मासिक खर्च ₹10,000 है तो इमरजेंसी फंड में ₹30,000 से ₹60,000 तक रखने की कोशिश करें। सवाल- निवेश शुरू करने से पहले इमरजेंसी फंड बनाना क्यों जरूरी है? जवाब- इमरजेंसी फंड अचानक आने वाली आर्थिक मुश्किलों में सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इसलिए निवेश शुरू करने से पहले इसे तैयार करने की सलाह दी जाती है। ग्राफिक में देखिए ये क्यों जरूरी है- सवाल- नए निवेशक इन नियमों को अपनाते समय कौन-सी गलतियां करते हैं? जवाब- नए निवेशक अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनका फाइनेंशिल प्लान प्रभावित हो सकता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- निवेश के किसी रूल को फॉलो करने का सही तरीका क्या है? जवाब- निवेश के नियम दिशा दिखाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की फाइनेंशियल कंडीशन अलग होती है। इसलिए किसी भी नियम को अपनाने से पहले अपनी आय, खर्च, फाइनेंशियल गोल और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करें। साथ ही कुछ बाताें का ध्यान रखें- ………………………. ये खबर भी पढ़ें… आपका पैसा- ‘फाइनेंशियल मिनिमलिज्म’ का ट्रेंड:कम सामान, आसान जीवन, समझें इसके फायदे, जानें फालतू खर्चों को कैसे कंट्रोल करें महीने की शुरुआत में सैलरी खाते में आते ही लगता है कि इस बार जरूर बचत होगी। लेकिन महीने के आखिर तक अकाउंट फिर खाली होता है। समझ ही नहीं आता कि पैसा आखिर कहां खर्च हो जाता है। कई बार आर्थिक परेशानियों की वजह कोई बड़ी खरीदारी नहीं, बल्कि रोज के अनियोजित खर्च होते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

