सऊदी अरब, जो अब तक सीधे तौर पर ईरान समर्थित गुटों से टकराव से बचता रहा था, उसने पहली बार अमेरिका के साथ मिलकर इराक में हवाई हमला किया है. इस कार्रवाई ने पूरे मिडिल ईस्ट में नई चर्चा छेड़ दी है. अब सवाल यह है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि रियाद का सब्र टूट गया? क्या यह हमला क्षेत्रीय शक्ति संतुलन में बड़े बदलाव का संकेत है? और सबसे अहम, क्या मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष अब एक नए और अधिक खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है?

