मैंने शुक्रवार को दो खबरें पढ़ीं। अमेरिका में ज्यादातर विश्वविद्यालय इतनी तेजी से एआई प्रोग्राम शुरू कर रहे हैं कि शोधकर्ताओं के लिए उन्हें ट्रैक करना कठिन हो रहा है। इसके पीछे सोच यह है कि चूंकि एआई वैश्विक अर्थव्यवस्था को बदल रहा है, इसलिए कॉलेज और स्टूडेंट्स, दोनों को प्रतिस्पर्धी बनाए रखना जरूरी है। […]
दुनिया में दो तरह के मां-बाप होते हैं : एक जो अपने बच्चों की हरकतों से ‘अनजान’ हैं। और दूसरे, जो अपने बच्चों की हरकतों से ‘परेशान’ हैं। मेरा इशारा है उन ‘बच्चों’ की तरफ है, जो नाक-नक्श और कानून के हिसाब से तो बालिग हो गए हैं। लेकिन मां-बाप की नजर में अब भी […]
दुनियाभर में छह दशकों तक अनेक सीईओ और निदेशक मंडलों को परामर्श देने के दौरान मैंने व्यवसायों को सफल होते भी देखा है और असफल होते भी। इनके बीच का अंतर शायद ही कभी केवल संसाधनों, टेक्नोलॉजी या प्रतिभा का होता है। वास्तविक अंतर स्पष्टता का है। जो लीडर लंबे समय तक टिकने वाले बिजनेस […]