कर्ट वोनेगट ने अपने उपन्यास ‘प्लेयर पियानो’ (1952) में एक ऐसी दुनिया की कल्पना की थी, जहां मशीनों ने अधिकांश उद्योगों को ऑटोमैट कर दिया है और केवल कुछ इंजीनियर तथा मैनेजर ही व्यवस्था की निगरानी के लिए बचे हैं। बाकी सभी लोगों के भोजन और आवास की व्यवस्था सरकार करती है, लेकिन उनके पास […]
मैंने छत्तीसगढ़ को कई मिली-जुली, धूप-छांही भावनाओं के साथ विदा कहा था। इस राज्य में मैंने लगभग दो सप्ताह बिताए थे। इस दौरान वहां मैंने देर रात, साल के घने जंगलों में मोटरसाइकिल से यात्रा की थी। चांदनी में चमकते सफेद, झड़ चुके पत्तों वाले भुतहे पेड़ एक विचित्र दृश्य प्रस्तुत करते थे। दूरस्थ आदिवासी […]