हिमालय की विशाल चोटियों के बीच इस समय खामोशी नहीं, बल्कि एक खौफनाक खतरा आकार ले रहा है. ये तस्वीरें तिब्बत के गेरोंग और नेपाल के भोटेकोशी इलाके की हैं, जहां कुदरत ने एक ऐसा “डेथ ट्रैप” तैयार कर दिया है, जिसकी कल्पना मात्र से रोंगटे खड़े हो जाते हैं. चीन ने जिस झील को लेकर अलर्ट जारी किया है, उसने अब तबाही का ट्रेलर दिखाना शुरू कर दिया है. झील से पानी का रिसाव शुरू हो चुका है और इसकी तस्वीरें चीन का सरकारी मीडिया भी जारी कर रहा है. 26 अगस्त को हिमालय की ऊंचाइयों पर ग्लेशियर और विशाल चट्टानें टूटकर नीचे गिरीं. पहाड़ों से उतरा भारी मलबा भोटेकोशी नदी के रास्ते में जमा हो गया, जिससे नदी का प्रवाह रुक गया. नतीजतन, पत्थरों, मिट्टी और बर्फ के मलबे ने नदी पर एक अस्थायी झील बना दी. यह झील करीब 150 मीटर लंबी और 50 मीटर गहरी बताई जा रही है. कंक्रीट के मजबूत बांधों के विपरीत, यह झील मिट्टी, पत्थरों और मलबे की कमजोर दीवारों पर टिकी हुई है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह किसी टाइम बम से कम नहीं है और इसके टूटने का खतरा लगातार बना हुआ है.
