भारत और जापान के बीच केवल बुलेट ट्रेन और भारी उद्योगों का ही रिश्ता नहीं है, बल्कि इस रणनीतिक साझेदारी की असली धड़कन ‘पीपल-टू-पीपल कनेक्ट’ (People-to-People Connect) है। पिछले भारत-जापान शिखर सम्मेलन में दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने अगले 5 वर्षों में 5 लाख लोगों की आवाजाही और 50,000 अत्यधिक कुशल (Highly Skilled) भारतीय श्रमिकों को जापान भेजने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया था। ‘NDTV भारत-जापान संवाद’ के इस विशेष सत्र में जमीनी स्तर की चुनौतियों और समाधानों पर देश का सबसे बड़ा और गंभीर विश्लेषण सामने आया है।
NDTV Indo Japan Summit 2026: भाषा से लेकर संस्कृति तक, कैसे दूर होगा ‘Gaijin’ का टैग? खास बातचीत
