1962 के भारत-चीन युद्ध से शुरू हुई तिरंगा बनाने की एक विरासत आज तीसरी पीढ़ी तक पहुंच चुकी है। दिल्ली के सदर बाजार में गफ्फार परिवार हर दिन करीब 60,000 से ज्यादा तिरंगे तैयार कर रही है। हर घर तिरंगा अभियान के बीच देशभर और विदेशों से बढ़ती मांग के लिए परिवार दिन-रात काम कर रहा है।

